KUSHINAGAR NEWS: मठिया धीरे गांव का बरहिमा टोला आज़ादी के दशकों बाद भी पक्की सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है। चारों ओर तालाबों से घिरे इस टोले में बारिश के मौसम में आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उत्तर प्रदेश राज्य कृषि मंडी परिषद की योजना के तहत इस टोले को रामकोला-सिंघा मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए 1.5 किलोमीटर पक्की सड़क के निर्माण के लिए लगभग 74.59 लाख रुपये की लागत स्वीकृत की गई थी। निर्माण कार्य 16 फरवरी को शुरू हुआ, लेकिन चार महीने बीतने के बाद भी यह अधूरा पड़ा है। अब तक केवल मिट्टी की भराई और गिट्टी की बिछाई हुई है, जबकि न तो डामरीकरण हुआ है और न ही सड़क के किनारों पर नाली बनाई गई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि अधूरी सड़क और तालाबों से बहकर आने वाला पानी बारिश के समय सड़क पर भर जाता है, जिससे यह रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है। निर्माण अधूरा होने से स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोगों को कीचड़, जलभराव और फिसलन भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है।स्थानीय निवासी प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि बरसात से पहले सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और बच्चों की पढ़ाई पर भी असर न पड़े।







