JHANSI NEWS: नगर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अब मजाक बनकर रह गई है। आगे पाट, पीछे सपाट की तर्ज पर जिस गति से अतिक्रमण हटते हैं, उसी रफ्तार से कुछ ही समय में दोबारा उससे भी बड़े स्तर पर कब्जे हो जाते हैं। राजस्व अमले और नगर निगम द्वारा समय-समय पर चलाए जाने वाले अतिक्रमण विरोधी अभियान केवल दिखावे बनते जा रहे हैं। जिनका जमीनी असर दिखाई नहीं देता। मुख्य बाजार, बस स्टैंड, अस्पताल चौराहा सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में हाल ही में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। लेकिन अब उन्हीं स्थानों पर फिर से ठेले, गुमटियां और दुकानों का अवैध विस्तार देखा जा रहा है। व्यापारी और ठेलेवाले प्रशासन की अनदेखी का लाभ उठाकर सार्वजनिक स्थानों पर फिर से कब्जा कर रहे हैं। जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय राकेश कुमार, प्रदीप सेन, राजा ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रशासन केवल दिखावे की कार्रवाई कर रहा है। स्थाई समाधान के अभाव में अतिक्रमण हटाओ अभियान कागजों तक ही सीमित रह गया है। यदि प्रशासन सख्ती और सतत निगरानी रखे तो नगर को अतिक्रमण से मुक्त किया जा सकता है, वरना यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा। नगर की प्रमुख सड़कों पर यातायात बाधित है। अतिक्रमण के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है। राहगीर, बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं। ट्रैफिक जाम आम बात हो गई है। अतिक्रमणकारियों की लापरवाही से हालात जस के तस बने हुए हैं।







