SIDHARTHNAGAR NEWS: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद के नेतृत्व में कार्यकर्ता सांडी तिराहा पर एकत्र हुए और मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान पहले से तैनात पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए पुतला छीन लिया और उसमें लगी आग को बुझा दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कुछ देर तक तीखी नोकझोंक और छीना-झपटी हुई, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि बाद में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद ने कहा कि भारतीय राजनीति में भाषा की मर्यादा और शालीनता की एक परंपरा रही है, लेकिन वर्तमान समय में सत्ताधारी दल के नेताओं द्वारा लगातार इस मर्यादा का उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री द्वारा इस प्रकार की टिप्पणी न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है, बल्कि देश की राजनीतिक संस्कृति को भी आहत करती है। जिला उपाध्यक्ष सादिक अहमद और अनिल सिंह अन्नू ने कहा कि यदि इस तरह की बयानबाजी पर रोक नहीं लगी, तो कांग्रेस कार्यकर्ता व्यापक स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। वहीं जिला महासचिव सतीश चन्द्र त्रिपाठी और राजन श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि चुनावी दबाव के चलते इस प्रकार की बयानबाजी की जा रही है, जिसकी वे कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। प्रदर्शन में सुदामा प्रसाद, अश्विनी सिंह सोलंकी, मैनुद्दीन प्रधान, रितेश त्रिपाठी, रियाज़ मनिहार, मोबीन खान, दिवाकर त्रिपाठी, प्रमोद कुमार, रुखमीना, रियाजउद्दीन राईनी, होरी लाल श्रीवास्तव, संतोष चौधरी, पन्ना लाल साहनी, अकरम अली, ज़ुबैर खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में इस प्रकार की अमर्यादित भाषा की कड़ी निंदा की।







