LUCKNOW NEWS: उत्तर प्रदेश साहित्य – सभा अवधी प्रकोष्ठ लखनऊ तथा अन्य पांच संस्थाओ द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय अवधी – समारोह में राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह कैसरबाग में संपन्न बहुआयामी कार्यक्रम में प्रतापगढ़ के डॉ. दयाराम मौर्य ‘रत्न’, प्रेमकुमार त्रिपाठी प्रेम, कुंजबिहारी लाल मौर्य काकाश्री व अमर नाथ गुप्ता ‘बेजोड़’ को गुणवत्तापूर्ण, विकासपरक एवं प्रभावशाली अवधी लेखन हेतु नेपाल भारत अवधी परिषद के सचिव डॉ. प्रदीप सारंग, अवध ज्योति पत्रिका के संपादक डॉ. राम बहादुर मिश्र व पद्मश्री डॉ. विद्याविन्दु सिंह ने अंग -वस्त्र, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। साहित्यकारों के प्रतापगढ़ लौटने पर इस बड़ी उपलब्धि के लिए शारदा संगीत महाविद्यालय प्रतापगढ़ में ट्रस्टी आनन्द मोहन ओझा, कवि अमित शुक्ला तथा श्रीनाथ मौर्य सरस ने माला पहनाकर बधाई दी। श्री ओझा ने कहा कि साहित्यकारों ने इस शानदार उपलब्धि से बेल्हा का गौरव बढ़ाया है। ध्यातव्य है कि डॉ. रत्न ने तमिल महाकाव्य शिलप्पदिकारम का अवधी अनुवाद करके वैश्विक ख्याति प्राप्त की है। इसी प्रकार सभी चारों ने अवधी भाषा में कविता, कहानी, नाटक आदिक विविध साहित्य लिखा है। इनके साहित्य पर विश्वविद्यालयों के अवधी प्रकोष्ठों में अध्ययन भी हो रहा है। समारोह में नेपाल, मारीशस, फिजी समेत देश विदेश के अवधी विद्वान उपस्थित थे। बधाई देने वालों में रोशनलाल ऊमरवैश्य, राजीव कुमार आर्य, लखन प्रतापगढ़ी, राकेश कनौजिया तथा अन्य प्रबुद्धजन रहे।







