कवियित्री कल्पना तिवारी की कृति “ढाई अक्षर प्रेम के” का हुआ विमोचन
PRATAPGARH NEWS: अम्मा साहेब ट्रस्ट के स्थापना दिवस पर जनहित में निर्धारित शर्तों के अनुपालन के बदले सम्मान पेंशन वितरण समारोह के साथ संस्था शारदा संगीत महाविद्यालय की विवादित भूमि को बचाने के लिए सभी धर्मों के मानवतावादी लोगों द्वारा सामूहिक प्रार्थना सभा संपन्न हुई | स्थापना दिवस के अवसर पर अम्मा साहेब कमला देवी, ट्रस्ट निर्माता प्रकाश मोहन ओझा एवं मुख्य ट्रस्टी सी०एम्० ओझा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया गया। समारोह के मुख्य अतिथिण क्रमशः डॉ० डी०पी० ओझा (प्रबंधक शिवराज पब्लिक स्कूल लालगंज), मनोज सिंगला (मुख्य प्रबंधक एल०आई०सी०), समाजसेविका अंजना सिंगला, योगेश शुक्ल ‘अधिवक्ता’, पत्रकार रमेश तिवारी ‘राजदार’, समसेविका कमलेश श्रीवास्तव एवं समाजसेविका मंजू तिवारी, समाजसेवी पवन प्रकाश भट्ट “प्रकाश शर्मा”, डॉ० शिप्रा सरोज एवं मुस्कान विश्वकर्मा को अंतर्राष्ट्रीय मानवतावादी सामाजिक संघ के रूप में अम्मा साहेब ट्रस्ट द्वारा सारस्वत अभिनन्दन संहित स्मृति चिन्ह से विभूषित कर सम्मानित किया गया।शारदा संगीत महाविद्यालय के बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत के साथ सामूहिक प्रार्थना गीत की प्रस्तुति की गयी | कवियित्री कल्पना तिवारी की कृति “ढाई अक्षर प्रेम के” का विमोचन उक्त अवसर पर किया गया | संस्था की प्राचार्य बीना श्रीवास्तव द्वारा सभी का स्वागत किया गया | समारोह की अध्यक्षता पूर्व बाल न्यायाधीश एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ० दयाराम मौर्य ‘रत्न’ द्वारा की गयी।
डॉ० डी०पी० ओझा ने कहाकि स्वस्थ समाज का निर्माण हर प्रकार की असामाजिक बातों से दूर रहकर ही किया जा सकता है।उन्होंने कहाकि स्वस्थ समाज का निर्माण करना किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है इसमें सभी धर्मों के मानवतावादी लोगों को हर प्रकार के भेद–भाव मिटाकर साथ आने की आवश्यकता है। मनोज कुमार सिंगला ने कहाकि उन्हें यह जानकर बड़ा आश्चर्य हो रहा है कि आमजन को स्वस्थ समाज के निर्माण एवं स्वस्थ सामाजिक मूल्यों की स्थापना हेतु जारी अभूतपूर्व मानवतावादी सामाजिक अभियान में शामिल कर आजीवन मासिक पेंशन के रूप में प्रोत्साहन राशि प्रदान करते हुए उन्हें प्रतिमाह एक वृक्ष लगाने की सामाजिक जिम्मेदारी प्रदान की जा रही है | उन्होंने इस अभूतपूर्व मानवतावादी सामाजिक अभियान की सफलता की कामना किया। समाजसेविका कमलेश श्रीवास्तव ने कहाकि उन्हें अम्मा साहेब ट्रस्ट से जुड़कर गर्व का अनुभव होता है तथा वे ट्रस्ट के अभूतपूर्व मानवतावादी सामाजिक अभियान को सफल बनाने के लिए अपनी सामर्थ्य के अनुसार लगातार प्रयत्नशील बनी रहेंगी।
ट्रस्टी आनन्द मोहन ओझा ने कहाकि इक्कीसवीं सदी में विकास की पराकाष्ठा के युग में पहुंचकर समाज जाति, धर्म, वर्ग, सम्प्रदाय एवं क्षेत्रों में पूरी तरह विभाजित हो चुका है तथा हर तरफ आत्म–केन्द्रित (स्व–केन्द्रित) मानसिकता के दर्शन होते हैं जिससे एक अजीब प्रकार की सड़ांध की बू लगातार आती है जिसकी सफाई के लिए अम्मा साहेब ट्रस्ट के रूप में अभूतपूर्व मानवतावादी सामाजिक अभियान के जरिए सभी को दूसरों को समान महत्व प्रदान करना सिखाया जा रहा है तथा उन्हें अपने सामाजिक आचरण को दुरुस्त रखने के साथ सामाजिक जिम्मेदारी वहन करते हुए सम्मान पेंशन की राशि से प्रतिमाह एक वृक्ष लगाने के लिए निजी तौर पर संकल्पित किया जा रहा है और जब हर घर के सभी सदस्य इस सम्मान पेंशन को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करने को महत्व प्रदान करना सीखेंगे तब समाज पुनः एक जुट होगा और सामाजिक अपराधियों का कहीं कोई नामों–निशान भी न बचेगा तथा समाज को बांटने का प्रयत्न करने वाले भी कहीं दिखाई न देंगे।उन्होंने कहाकि सभी धर्मों के मानवतावादी लोगों के सात्विक दान से निर्मित अमृत–रुपी कोष से प्रदान की जाने वाली सम्मान पेंशन किसी का पेट भरने के लिए गुजारा भत्ता मात्र नहीं है क्योंकि इससे उत्कृष्ट सामाजिक मूल्य जुड़े हैं।
समारोह में मुख्य रूप से राजीव कुमार आर्य, सुरेश शुक्ल, सुनील कुमार सिंह, लीलावती सरोज, राम पियारी सरोज, नित्या त्रिपाठी, रोशनलाल उमरवैश्य, रामलली मौर्य, डॉ० सीमा दीवान, डॉ० सरोज शुक्ला, नंदिनी श्रीवास्तव, राम प्रकाश तिवारी, रवि खंडेलवाल, मनप्रीत कौर, कुञ्ज बिहारी लाल मौर्य ‘काकाश्री’, प्रताप सिंह, नारायण मोहन ओझा, अशोक शर्मा, सुरेन्द्र कुमार विमल, पी०एन० पाण्डेय, प्रेम कुमार त्रिपाठी ‘प्रेम’, अशोक कुमत तिवारी, श्रेया तिवारी, आदित्य मिश्र, संदीप श्रीवास्तव, ओ० पी० गुप्ता, शिक्षक ओम प्रकाश, कुसुमलता श्रीवास्तव तथा शारदा संगीत महाविद्यालय के तमाम छात्र–छात्राओं सहित उनके अभिभावकगण उपस्थित रहे।
अम्मा साहेब ट्रस्ट के संरक्षक सदस्य राकेश कुमार कनौजिया ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।







