Home उत्तर प्रदेश अमर, अटल, अलहदा विचारो के धनी और राष्ट्र के सच्चे सपूत थे...

अमर, अटल, अलहदा विचारो के धनी और राष्ट्र के सच्चे सपूत थे सरदार पटेल:पत्रकार रणविजय सिंह यादव

देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर देना ही सबसे बड़ी चुनौती है
PRAYAGRAJ NEWS: सरदार पटेल जी के मजबूत इरादे उन्हें लौह पुरुष की संज्ञा देते है। देश की आजादी के बाद भी अंग्रेज भारत को टुकड़ों में बांट करके उसका बुरा हस्र देखना चाहते थे मगर उनके इरादों के सापेक्ष पटेल जी के इरादे अधिक मजबूत और दृढ़ थे। महात्मा गांधी ने हालात समझा तो सबसे पहले उनके जेहन में सरदार पटेल का चेहरा उभरा उनके मजबूत इरादों पर उनके चेहरे पर आत्मविश्वास झलका मुस्कुराकर बोले यह काम और कोई नही कर सकता है सिर्फ सरदार बल्लभ भाई पटेल ही कर सकते है। उन्होंने सरदार पटेल जी को अपने पास बुलाया और वह काम सौप दिया जो लगभग असम्भव जैसा था लेकिन वीपी मेनन के साथ लगभग 40 फीसदी क्षेत्र में फैले देशी रियासतों के नबाब और राजाओं से उन्होंने साम, दाम, दंड और भेद की नीति अपनाई जिससे उनकी कौटिल्य की कूटनीति जैसी सोच बताई गई. सोचिए 562 देशी रियासतों को एक साथ करना उनका भारत मे विलय करना कितना दुष्कर काम था आज परिवार में लोग अपने 5 सदस्यों को साथ नही कर पाते है। सरदार वल्लभभाई पटेल ने हमेशा देश को सर्वोच्च स्थान पर रखा जब कांग्रेस अध्यक्ष और प्रधानमंत्री बनने की उनकी प्रबल संभावना थी तब महात्मा गांधी के एक आदेश को उन्होंने बिना किसी शर्त के मान लिया । यह इस बात का प्रमाण है कि आंतरिक मतभेद को भुलाकर के हमें बड़े और व्यापक लक्ष्य की तरफ अग्रेषित होना चाहिए उनके इरादों में इतनी दृढ़ता थी कि अपनी पत्नी की मृत्यु के सूचना पर अदालत में खड़े रहने के बावजूद भावुक नहीं हुए बल्कि मुकदमा लड़ते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। आज हम देख रहे हैं कि सरदार पटेल की जयंती बहुत ही धूमधाम से मनाई जा रही है मगर मेरा मानना है कि उनकी जयंती पर हम उनके विचारों को जब तक आत्मसात नहीं करेंगे तब तक चाहे हुकूमत हो या फिर आम जनमानस उनका जयंती मनाने की सार्थकता पूर्ण नही होगी।