कोरी समाज सेवा समिति की बैठक असोथर में हुई सम्पन्न
FATEHPUR NEWS: रविवार को असोथर कस्बा के विजयीपुर रोड थरियांव मोड़ के पास कोरी समाज सेवा समिति की वैचारिक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य आयोजक कोरी सोनू वर्मा द्वारा कोरी सेवा समिति संगठन के अयाह शाह विधानसभा के प्रभारी के नेतृत्व में आयोजित हुई। बैठक में कोरी समाज के सिद्धार्थ गौतम और कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहें फूलचंद्र कोरी और विशिष्ट अतिथि जिलाध्यक्ष राकेश कोरी, बौद्ध सेवा समिति के जिलाध्यक्ष रामराज कोरी सहित पदाधिकारियों ने कार्यक्रम के शुरुआत में बाबा साहब, कबीर साहब, भगवान गौतम बुद्ध के चरणों में पुष्पांजलि अर्पित किया। इसके बाद कार्यक्रम में आये हुए अतिथियों का आभार प्रकट करते हुए सम्बोधन करके अपने अपने विचार रखें और जिलाध्यक्ष राकेश कोरी ने कहा कि अगर हम इसी तरह एकजुट रहेंगे तो हमारे समाज के ऊपर कहीं भी जुर्म ज्यादती होगा तो अब हम ईंट से ईंट बजाने का काम करेंगे। इसी कड़ी में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे फूलचंद्र कोरी ने अपने समाज के सभी लोगों को जोड़ने पर जोर दिया। वहीं कार्यक्रम के आयोजक सोनू वर्मा ने कोरी समाज को सम्बोधित करते हुए कहा कि अब डिजिटल दौर है वो दौर बदल चुका है ऐसे में सबसे पहले हम सभी लोग अपने बच्चों को शिक्षित बनाएं, यदि हम शिक्षित नहीं रहेंगे तो हमें आज भी अपने आप को पहचान बतानी पड़ेगी तथा यदि हम शिक्षित हैं तो हमें पहचान बताने की कोई जरूरत नहीं पड़ती है इसलिए हम सभी एक वक्त की रोटी नहीं खाएंगे परंतु अपने बच्चों को शिक्षित अवश्य बनाएंगे। इसी बीच एडवोकेट चंद्रमणि भास्कर ने कहा कि अब जहां भी अपने समाज के गरीबों के ऊपर जुल्म अत्याचार होता है तो उसके मुकदमे की फीस नहीं लिया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने राकेश कोरी ने कहा कि अपने समाज के ग़रीब व आर्थिकरूप से कमजोर व्यक्ति की बेटी या बेटा का शादी ब्याह होता है, और समाज को कहीं कोई दिक्कत है तो उसके परिवार को आर्थिक मदद भी किया जायेगा। इस मौके पर फूलचंद्र वर्मा, सिद्धार्थ गौतम, कोरी समाज के जिलाध्यक्ष राकेश कोरी, प्रधान चंद्रभान कोरी, बौद्ध सेवा समिति जिलाध्यक्ष रामराज कोरी, एडवोकेट चंद्रमणि भास्कर , राजकुमार कोरी, पूर्व प्रधान श्यामेंद्र कोरी, राममिलन कोरी, मन्नी लाल वर्मा, लवकुश कोरी, बामसेफ जिलाध्यक्ष केपी कोरी, रमेश कोरी, आनंद गौतम, शनि कोरी, रामभवन कोरी, दिवस कोरी, अजय कोरी, रामप्रसाद कोरी, ज्ञानचंद्र कोरी, सतेंद्र कोरी आदि लोग मौजूद रहे हैं।







