60 प्रतिभागियों ने लिया भाग
PRAYAGRAJ NEWS: ग्रामीण युवाओं और कारीगरों को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्र,जंघई अनुवा में 15 दिवसीय माटीकला शिल्पकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, प्रयागराज के तत्वावधान में 22 दिसम्बर से 05 जनवरी तक आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्घाटन ब्लॉक प्रमुख प्रतापपुर शैलेश यादव एवं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रमोद ने किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक माटीकला को आधुनिक तकनीक से जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मिट्टी के चयन से लेकर आकर्षक डिजाइन तैयार करने, भट्टी में पकाने, गुणवत्ता सुधार और बाजार से जुड़ने तक की व्यावहारिक जानकारी दी गयी। इस प्रशिक्षण में कुल 60 प्रतिभागी भाग लिए। जिन्हें विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा सैद्धांतिक और व्यवहारिक दोनों तरह का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। वही जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी जवाहर लाल ने ब्लॉक प्रमुख को पुष्प गुच्छ व अंगवस्त्र देकर सम्मानित करने के बाद
कुम्हारों का उत्साह बढ़ाते हुए नए-नए डिजाइन के उत्पाद बनाने पर जोर दिया तथा खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्र अनुवा से महेन्द्र कुशवाहा, आशीष कुमार एवं प्रशिक्षण प्रभारी अनिल कुमार रोहनिया केशरी पुर वाराणसी निवासी मास्टर ट्रेनर विकास प्रजापति, तथा अनुज द्विवेदी की सक्रिय भूमिका रही। प्रतिभागियों की सुविधा के लिए प्रशिक्षण केन्द्र द्वारा खान-पान की समुचित व्यवस्था भी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल पारंपरिक शिल्प को जीवित रखते हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।







