अम्बेडकर नगर में पहुंची अधिवक्ता सुरक्षा यात्रा को लेकर दिखा वकीलों का जोशीला तेवर
AMBEDKAR NEWS: संसद व विधानमण्डल से अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम पारित कराए जाने की मांग को लेकर बुधवार को लखनऊ से चलकर प्रदेश के जिलों के लिए निकली अधिवक्ता सुरक्षा यात्रा प्रयागराज, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या कचहरी होते हुए यहां पहुंची। एसोसिएसन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल तथा राष्ट्रीय महासचिव अनिल कुमार तिवारी महेश की संयुक्त अगुवाई में पहंुची सुरक्षा अधिवक्ता यात्रा ने दीवानी गेट पर मांग के समर्थन में घंटो नारेबाजी की। अधिवक्ता सुरक्षा यात्रा को लेकर वकीलों का भी दीवानी गेट पर भारी जमावडा हो गया। वही एसोसिएसन की ओर से संघर्ष में योगदान दे रहे अधिवक्ताओं को सम्मान पत्र भी प्रदान किया गया। दीवानी गेट पर वकीलों की सभा को संबोधित करते हुए एसोसिएसन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने कहा कि वर्षो से वकील अपनी सुरक्षा व सुविधाओ को लेकर सरकार के सामने आवाज उठाते चले आ रहे हैं। उन्होने कहा कि इसके बावजूद उ0प्र0 के वकीलों को एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट तक नही मिल सका है। उन्होने कहा कि अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम को प्रदेश के विधानसभा के संकल्प प्रस्ताव पारित कराकर केंद्र को अविलम्ब भेजवाया जाय। वही उन्होने संसद में अधिवक्ताओं की कल्याणकारी योजनाओं के साथ अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम को पारित कराये जाने पर भी राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश ने जोर दिया। एसोसिएसन के राष्ट्रीय महासचिव अनिल कुमार तिवारी महेश ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जनपदो मे इस यात्रा के दौरान अधिवक्ताआंे के द्वारा जोरदार समर्थन मिला है। उन्होने कहा कि भारत सरकार को सौपे गये इस अधिनियम के मसौदे में अधिवक्ता सुरक्षा के साथ बुजुर्ग अधिवक्ताओं के लिए पेंशन, न्यायिक संवर्ग में महिला अधिवक्ताओं के आरक्षण तथा युवा अधिवक्ताओं को लाइब्रेरी भत्ता जैसे महत्वपूर्ण बिन्दु शामिल हैं। कार्यक्रम में संघर्षरत साथियों को एसोसिएसन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व महासचिव द्वारा सम्मान पत्र भी प्रदान किया गया। सभा की अध्यक्षता अधिवक्ता विकास सिंह व संचालन अधिवक्ता आशुतोष मिश्र ने किया। वहीं अधिवक्ता नरोत्तम प्रसाद मदेसिया एवं अमित चौबे तथा पंकज गोस्वामी, अभिषेक उपाध्याय आदि की अगुवाई में स्थानीय वकीलों ने अधिवक्ता सुरक्षा यात्रा का स्वागत किया। इस मौके पर विपुलदीप सिंह, विमल त्रिपाठी, अंकित शुक्ला, दुष्यंत गोस्वामी, दीपक मिश्र, शिमला भारती, अनन्त प्रताप सिंह, आनन्द तिवारी, विजय मिश्र, पं. ताराकान्त त्रिपाठी आदि अधिवक्ता रहे।







