रूरल बार एसोसिएसन के बैनरतले जौनपुर में अधिवक्ता सुरक्षा यात्रा को लेकर दिखी गर्मजोशी
JAUNPUR NEWS ऑल इण्डिया रूरल बार एसोसिएसन के बैनरतले अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम की मांग को लेकर शनिवार को यहां अधिवक्ता सुरक्षा यात्रा पहुंची। लखनऊ से निकली अधिवक्ता सुरक्षा यात्रा सुल्तानपुर होते हुए दोपहर बाद जौनपुर दीवानी न्यायालय परिसर में मांगो के समर्थन में नारेबाजी के साथ पहुंची। एसोसिएसन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ला तथा राष्ट्रीय महासचिव अनिल कुमार तिवारी महेश की अगुवाई में पहुंची यात्रा के जरिए साथियों को मांगों के प्रति परिसर में जागरूक भी किया गया। वही पिछले कई वर्षो से अधिवक्ताओ की सुरक्षा की मुहिम मे समर्थन देने वाले अधिवक्ताओं को यात्रा के दौरान सम्मानित भी किया गया। एसोसिएसन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र का पहला सप्ताह बीत गया। उन्होने कहा कि इस दौरान केन्द्र सरकार ने कई विधेयक प्रस्तुत किये पर उसे अधिवक्ताओं की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर कानून बनाने की चिन्ता नही है। उन्होने कहा कि यदि सरकार ने अधिवक्ताओं के सुरक्षा व सम्मान को लेकर जल्द कदम नही उठाया तो अधिवक्ता नई दिल्ली कूच कर संसद भवन के सामने कड़ा विरोध दर्ज करायेंगे। एसोसिएसन के राष्ट्रीय महासचिव अनिल कुमार तिवारी महेश ने कहा कि केंद्र को एसोसिएसन द्वारा ज्ञापनों के जरिए इस विधेयक के जरिये यह मसौदा दिया गया है कि वह बुजुर्ग अधिवक्ताओं के पेंशन और वकीलों के सामूहिक स्वास्थ्य बीमा सहित युवा अधिवक्ताओं के लिए पुस्तकालय प्रोत्साहन भत्ता को कानूनी मान्यता प्रदान करे। सुरक्षा यात्रा के दौरान दीवानी अधिवक्ता संघ के सामने एकजुट हुए वकीलों ने नारेबाजी के जरिए अपनी मांगो का शंखनाद किया। वहीं सुरक्षा यात्रा में शामिल एसोसिएसन के पदाधिकारियों ने दीवानी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुभाषचंद्र यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता इंद्रनाथ पाण्डेय, ओमप्रकाश दुबे, वीरेन्द्र नाथ मिश्र, प्रीती पाण्डेय, आशू यादव आदि अधिवक्ताओं को मान पत्र प्रदान कर सुरक्षा मुहिम में सहयोग के लिए सम्मानित भी किया। अधिवक्ता सुरक्षा यात्रा का संयोजन एसोसिएसन के प्रान्तीय संयोजक विकास मिश्र ने किया। इस मौके पर हरेकृष्ण तिवारी, अनिल कुमार तिवारी, सुनील गुप्ता, निधि निगम, विपिन सिंह, लालमणि पाल, रीता सरोज, चंद्रसेन सिंह, प्रवीण विश्वकर्मा, हिमांशु श्रीवास्तव, बृजेश निषाद, निलेश निषाद, वंशराज गुप्ता, प्रवीण श्रीवास्तव, अनवर अली खां आदि अधिवक्ता रहे।







