Home उत्तर प्रदेश अतिक्रमण हटाने पहुंचा बुलडोजर, विरोध के बाद रुका

अतिक्रमण हटाने पहुंचा बुलडोजर, विरोध के बाद रुका

एसडीएम बोले, सभी को दिया जाएगा सुनवाई का मौका

BHADOHI NEWS:  नगर के लिप्पन तिराहे पर बुधवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई, लेकिन लोगों के विरोध के बाद इसे रोक दिया गया। एसडीएम अरुण गिरी के नेतृत्व में पुलिस बल और बुलडोजर के साथ टीम मौके पर पहुंची थी। इस अभियान का उद्देश्य लिप्पन तिराहे पर लगने वाले जाम की समस्या से निजात दिलाना था। कार्रवाई के दौरान, जैसे ही एक मकान के चबूतरे को तोड़ने का प्रयास किया गया, स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि यह तोड़फोड़ बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के की जा रही है। इसके बाद एसडीएम ने सभी पक्षों को सुनने का अवसर देने का आश्वासन देते हुए कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया। एसडीएम अरुण गिरी ने बताया कि लिप्पन तिराहे पर आए दिन जाम की समस्या बनी रहती है, जिसकी शिकायतें डीएम से की गई थीं। इन्हीं शिकायतों के क्रम में यह कार्रवाई शुरू की गई थी। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ लोगों ने नोटिस न मिलने की बात कही, जबकि नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसलिए, कार्रवाई रोककर उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है।एसडीएम ने आगे कहा कि लोगों की बात सुनने के बाद ही अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी। कुछ लोगों ने मुआवजे की मांग भी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा अतिक्रमण नहीं किया गया है, तो उसे मुआवजा दिया जाएगा, अन्यथा अतिक्रमण हटाया जाएगा। इस कार्रवाई में लोक निर्माण विभाग और नगर पालिका परिषद के जेई भी शामिल थे। व्यापारी नेता विनीत बरनवाल ने आरोप लगाया कि कार्रवाई बिना नोटिस के की गई। उन्होंने कहा कि तोड़फोड़ से पहले नापी कराकर भवन स्वामी को नोटिस देना चाहिए था। बरनवाल ने यह भी दावा किया कि जिस भवन पर कार्रवाई की जा रही थी, उसका निर्माण 1932 में हुआ था, जबकि लोक निर्माण विभाग की सड़क 1950 में बनी थी।