सीसी निर्माण कार्य रुकवाया
SAHARANPUR: नागल बस स्टैंड ही नहीं मंदिर व शमशान को जाने वाला गांव का मुख्य मार्ग भी अतिक्रमण के चलते अत्यधिक शंकरा होने से क्षुब्ध ग्रामीणों ने सड़क पर सीसी निर्माण को रुकवाते हुए प्रदर्शन कर ऐलान किया है कि जब तक इस मार्ग से अतिक्रमण नहीं हटाया जाता तब तक सीसी निर्माण नहीं होने दिया जाएगा।
उधर नायब तहसीलदार मोनिका चौहान के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने उक्त मार्ग का निरीक्षण कर हल्का लेखपाल को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। गौरतलब है कि यह मार्ग 35 फुट चौड़ा बताया जाता है जबकि वर्तमान में अतिक्रमण के चलते बहुत शंकरा होकर रह गया है। ग्राम प्रधान इस मार्ग पर सीसी का निर्माण करवा रहा है जिसे ग्रामीणों ने रुकवा दिया है। बुधवार दोपहर खजूर वाला के दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने उक्त मार्ग पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए चेतावनी दी कि जब तक सड़क के दोनों और हुआ अतिक्रमण नहीं हट जाता तब तक सड़क का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। इसी परिपेक्ष में खजूर वाला के लोगों ने ने जिलाधिकारी को पत्र भेज कर मांग की है कि गांव से शमशान जाने वाले रास्ते पर लोगों ने अतिक्रमण कर गांव के मेन रास्ते को शंकरा बना दिया है। दूसरे इस रास्ते के दोनों और गांव के लोग कूड़ा करकट डालकर गांव में तनाव पैदा करने में लगे हैं। इसके अलावा कुछ ग्रामीणों ने तालाबों की जमीन पर कब्जा कर पक्के मकान बना लिए हैं। गांव के कुलदीप राणा, जयवीर राणा, महेंद्र सिंह, कृपाल सिंह, मीलू राणा, जोगिंदर राणा, ओम कुमार कश्यप, नेत्रपाल, राजेश कश्यप, गौतम शर्मा, अभिलाष शर्मा, सतीश कुमार, सुमित कुमार शर्मा, नीरज राणा, संजीत शर्मा, अनिल कुमार, सरवन कुमार आदि ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शीघ्र इस मार्ग से अतिक्रमण नहीं हटाया जाता तो गांव के लोग किसान मजदूर संगठन के बैनर तले जिला अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर धरना देने को मजबूर होंगे। कुलदीप राणा ने कहा कि अतिक्रमण को लेकर प्रदेश सरकार की नीति स्पष्ट है अगर अतिक्रमणकारी स्वयं अवैध कब्जा नहीं हटाते तो शासन प्रशासन के अधिकारी अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए स्वतंत्र है। उधर इस संबंध में मंगलवार शाम गांव में हुई पंचायत में निर्णय लिया गया कि 14 जून तक यदि प्रशासन अतिक्रमण हटाने की पहल नहीं करता तो 14 जून को आयोजित महापंचायत में आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। उधर इस संबंध में ग्राम प्रधान दल सिंह का कहना है कि नई सड़क का निर्माण नहीं किया जा रहा है। पुरानी बनी सडक की सीसी तोड़कर ही सड़क बनाई जा रही है। ग्रामीणों का विरोध उचित नहीं है।







