Home उत्तर प्रदेश अज्ञानता से ही बढ़ती है लोभ की प्रवृत्ति: आचार्य त्रिभुवन पांडेय

अज्ञानता से ही बढ़ती है लोभ की प्रवृत्ति: आचार्य त्रिभुवन पांडेय

लवकुश पश्चिम पट्टी में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का दूसरा दिन

KUSHINAGAR NEWS: फाजिलनगर के लवकुश पश्चिम पट्टी गांव में सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में धर्म, श्रद्धा और भक्ति के इस माहौल में क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु प्रतिदिन बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। कथा वाचन के लिए काशी से पधारे सुप्रसिद्ध भागवताचार्य पं. त्रिभुवन पांडेय जी ने दूसरे दिन कथा का शुभारंभ करते हुए श्रोताओं को धर्म, मर्यादा और सदाचार की गहराइयों से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि  अज्ञानता के कारण ही लोभ और अधर्म की प्रवृत्तियाँ बढ़ती हैं, जिससे व्यक्ति स्वयं ही अपने विनाश का कारण बन जाता है।यदि समाज में श्रेष्ठ जनों की उपस्थिति के बावजूद कोई परिवार अपनी मर्यादा को नष्ट करता है और बड़े लोग मौन रहते हैं, तो समाज का पतन तय है। कथा के दौरान उन्होंने महाभारत के द्रौपदी चीरहरण प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि जब दुर्योधन जैसे दुर्बुद्धि व्यक्ति द्वारा अधर्म की सीमा पार की जाती है, तो स्वयं भगवान को धर्म की रक्षा हेतु अवतरित होना पड़ता है। इस दौरान मुख्य यजमान दुलारी देवी व उनके पति छांगुर प्रजापती, मीना देवी–बसंत प्रजापति, मीना देवी–मनोज प्रजापति, शिवकली देवी–जवाहर प्रजापति, कौशली देवी, हीरा, नथुनी, मोतीलाल, नगीना, ग्रामप्रधान अनिल प्रजापति, आचार्य ओमप्रकाश उपाध्याय, इंद्रजीत मिश्र, राणा प्रताप मिश्र, रिंकु मिश्र, सिद्धेश्वर मिश्र, दुर्गेंद्र पांडेय, ज्ञानप्रकाश पांडेय, आनंद पांडेय समेत श्रद्धालु उपस्थित रहे।