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हर्बल हुई काशी की परम्परा, होली के लिए हाथरस से आया 100 क्विंटल हर्बल कलर

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हर्बल हुई काशी की परम्परा, होली के लिए हाथरस से आया 100 क्विंटल हर्बल कलर

– त्रिशूल-तलवार वाली पिचकारियों की डिमांड ज्यादा
– कपड़ों का बाजार भी हुआ गुलजार

वाराणसी। होली में 10 दिन शेष हैं, लेकिन काशी के बाजार पूरी तरह से रंग चुके हैं। हड़हा सराय, राजा दरवाजा और बेनिया समेत प्रमुख थोक बाजारों में सुबह से ही खरीदारों का तांता लग रहा है। थोक बाजार के केंद्र वाराणसी से चंदौली, मिर्जापुर, गाजीपुर, जौनपुर और पड़ोसी राज्य बिहार के बाजारों में भी माल की सप्लाई तेज हो गई है। होली के लिए खास तौर से हाथरस से आया 100 क्विंटल हर्बल रंग मंगाया गया है।

कारोबारियों के मुताबिक, इस साल अकेले रंगों और पिचकारियों के बाजार से 300 करोड़ रुपये और कपड़ा, फुटवियर व खाद्य सामग्री से लगभग 400 करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है। बाजार में इस बार पारंपरिक पिचकारियों के बजाय आधुनिक और अनोखी आकृतियों वाली पिचकारियां चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं।

थोक व्यापारी राहुल अग्रवाल के अनुसार, बाजार में हथौड़ा, तलवार, त्रिशूल, बेलन और चाबी जैसी आकृतियों की पिचकारियां की डिमांड है। इनकी कीमत 100 से 2000 रुपये के बीच हैं। बच्चों के बीच ड्रैगन, पबजी गन और लोकप्रिय कार्टून कैरेक्टर्स और टैंक वाली पिचकारियों की सर्वाधिक मांग देखी जा रही है।

हर्बल रंगों का बढ़ा क्रेज, आइस कूल गुलाल की धूम

त्वचा की सुरक्षा और पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण लोग अब केमिकल वाले रंगों से दूरी बना रहे हैं। रंग कारोबारी विकास यादव बताते हैं कि इस बार हाथरस से विशेष रूप से 100 क्विंटल हर्बल आइस कूल रंग मंगवाए गए हैं। यह रंग स्किन पर पड़ते ही उसे ठंडा रखता है। इनकी कीमत 1100 से 1500 रुपये प्रति किलो तक है। इसके अलावा कारखानों में फूलों, जड़ी-बूटियों (जैसे आरारोट और हल्दी) और खाद से बने रंगों की भी डिमांड है, जिनकी थोक कीमत मात्र 150 रुपये प्रति किलो से शुरू होती है। कारोबारी आशीष यादव बताते हैं कि बाजार में ऐसे गुलाल की मांग है जो हवा में उड़ते समय खुशबू फैलाते हैं या जिनमें चमक होती है। इनकी कीमत 40 रुपये प्रति बॉटल से लेकर 400 रुपये प्रति बॉटल है।
होली पर कपड़ों, फुटवियर समेत कॉस्मेटिक्स का भी बाजार गुलजार है। लोग ऑनलाइन के साथ ही ऑफलाइन भी खरीदारी कर रहे हैं। महानगर उद्योग व्यापार समिति के महामंत्री अशोक जायसवाल बताते हैं कि बाजार में होली खेलने के लिए सफेद कॉटन कुर्ते, टी-शर्ट और सलवार सूट की मांग सबसे अधिक होती है। हैप्पी होली लिखे हुए कस्टमाइज्ड टी-शर्ट युवाओं की पहली पसंद हैं। वहीं होली की शाम के लिए भी नए कपड़ों की जबरदस्त खरीदारी हो रही है। होली की शाम को मिलने-जुलने के लिए भी रेशमी साड़ियों और डिजाइनर सूट की भारी खरीदारी हो रही है।

कॉस्मेटिक विक्रेता मनीष गर्ग के मुताबिक, रंगों के दुष्प्रभाव से बचने के लिए कॉस्मेटिक्स बाजार में भी बदलाव आया है। ब्यूटी पार्लर्स और कॉस्मेटिक्स स्टोर्स पर वॉटरप्रूफ मेकअप और सनस्क्रीन की बिक्री में 30% का उछाल आया है। त्वचा रोग विशेषज्ञों की सलाह पर लोग अब बैरियर क्रीमऔर सीरम का उपयोग कर रहे हैं ताकि रंगों के पिगमेंट त्वचा के अंदर न जा सकें।