SONBHADRA NEWS: स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मंगल बियार के 76 वे परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मंगल बियार स्मृति सेवा ट्रस्ट कुसुम्हां घोरावल द्वारा संगोष्ठी का आयोजन किया गया।संगोष्ठी में अपना विचार व्यक्त करते हुए दीपक कुमार केसरवानी ने कहा कि-‘स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता।, इनके त्याग तपस्या बलिदान से हमारा देश अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ था।, सोनभद्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों में मंगल बियार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। और घोरावल के कुसुम्हां जैसे पिछड़े इलाके से इन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध आंदोलन किया और अंग्रेजों के जोर एवं जुल्म के शिकार हुए। सेनानी मंगल बियार के प्रपौत्र मोहन वियार ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि-“सरकार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के वंशजों एवं परिजनों पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि हमारे पूर्वजों ने अपना सब कुछ देश पर न्योछावर कर दिया था, तब हमें आजादी प्राप्त हुई।, बियार समाज का स्वाधीनता आंदोलन में अग्रणी स्थान रहा है। सोनभद्र जनपद के मंगल वियार, सहित अनेक देशभक्ति सेनानी हुए और इन्होंने देश पर अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। अधिवक्ता राकेश शरण मिश्र ने कहा कि-“अगर बलिया के बलिदानी धरती पर मंगल पांडे पैदा हुए तो हमारे जनपद के घोरावल तहसील के कुसुम्हां गांव में मंगल बियार भी हुए हैं और इन दोनों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का योगदान स्मरणीय है। सीताराम बियार ने कहा कि आदिवासी समाज हमेशा जुल्म का विरोध करता रहा है। स्वाधीनता आंदोलन में बिरसा मुंडा, तिलका मांझी जैसे आदिवासी सेनानियों ने अंग्रेजों का प्रथम बार विद्रोह किया था। उनके योगदान को याद करना चाहिए और उनके मार्ग पर चलना चाहिए। कार्यक्रम में राम राज गोड,राम अधार कोल,चन्द्रभान मौर्य ने अपना-अपना विचार व्यक्त किया। राजकुमार बियार अतिथियों का आभार व्यक्त किया सुप्रसिद्ध लोकगीत गायिका अनीता राव द्वारा गायको द्वारा देश भक्ति गीत प्रस्तुत किया गया, जिसमें श्यामदेव बियार, राजेन्द्र पाण्डेय, गौरीशंकर, रामललीत कोल, अशोक विश्वकर्मा, दशरथ पटेल आदि लोगों के द्वारा देश भक्ति गीत प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर अनीता देवी, राजकुमारी देवी, सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी उपस्थित अतिथियों को माल्यार्पण, अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित भी किया गया।







