Home उत्तर प्रदेश स्वच्छ भारत मिशन की उड़ रहीं धज्जियां, छोटा मिर्जापुर गांव में बीमारी...

स्वच्छ भारत मिशन की उड़ रहीं धज्जियां, छोटा मिर्जापुर गांव में बीमारी को खुला न्योता

MIRZAPUR NEWS: एक तरफ सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव-गांव साफ-सफाई के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं छोटा मिर्जापुर की तस्वीर इन दावों की हकीकत बयां कर रही है। गांव में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है और नालियां महीनों से साफ नहीं हुई हैं। ब्लॉक जमालपुर के अंतर्गत गांव छोटा मिर्जापुर में मस्जिद के पास फैली गंदगी और बजबजाती नालियों ने गांव की बदहाल सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है। नालियों का गंदा और सड़ा हुआ पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैली हुई है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि ग्रामीणों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है, लेकिन ग्राम प्रधान और सचिव इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो नालियों की सफाई कराई गई और न ही जल निकासी की कोई व्यवस्था की गई। इससे लोगों में भारी आक्रोश है। गांव की मस्जिद के पास फैली गंदगी और बदबू से नमाज अदा करने आने वाले लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मस्जिद के आसपास नालियों का पानी जमा रहता है, जिससे वहां मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। बच्चों और बुजुर्गों में बीमारी फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात से पहले ही हालात इतने बदतर हैं तो बारिश शुरू होने के बाद स्थिति और भयावह हो जाएगी। गंदा पानी रास्तों पर फैलने से लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जब सफाई के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, तो आखिर गांव की यह हालत क्यों है? लोगों का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की मौजूदगी सिर्फ कागजों में दिखाई देती है, जबकि जमीन पर हालात बद से बदतर हैं।
प्रधान और सचिव पर लापरवाही के आरोप, सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें गांव की समस्याओं से कोई मतलब नहीं रह गया है। लोगों का कहना है कि कई बार मौखिक शिकायत और सूचना देने के बावजूद जिम्मेदारों ने मौके पर पहुंचना तक जरूरी नहीं समझा। गांववासियों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि धार्मिक स्थल के आसपास भी सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सफाई और जल निकासी की व्यवस्था नहीं हुई तो गांव में संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं।