FATEHPUR NEWS: भूतपूर्व सैनिक संगठन के जिला अध्यक्ष कैप्टन हरिशंकर सिंह चौहान ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर न्यायालय के स्थगन आदेश (स्टे ऑर्डर) के बावजूद भूमिधरी भूमि पर कथित रूप से कराए जा रहे सड़क निर्माण को तत्काल रुकवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर पीड़ित की सह-खातेदारी वाली भूमि पर जबरन निर्माण कार्य कराया जा रहा है। ज्ञापन के अनुसार किशनपुर थाना क्षेत्र के रारी द्वितीय गांव निवासी जगन्नाथ सिंह पुत्र श्रीपाल सिंह, गाटा संख्या 3267/0.4130 हेक्टेयर के एक-तिहाई हिस्से के सह-खातेदार एवं काबिज हैं। आरोप है कि ग्राम प्रधान तीरथ सिंह एवं अन्य लोग बिना किसी वैधानिक बंटवारे के उक्त भूमि पर जबरन सड़क निर्माण करा रहे हैं। पीड़ित ने इस मामले को लेकर उपजिलाधिकारी न्यायालय, खागा में बंटवारा वाद दायर किया है। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने 22 मई 2026 को यथास्थिति बनाए रखने का आदेश पारित करते हुए अग्रिम तिथि तक संबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न करने के निर्देश दिए थे। कैप्टन हरिशंकर सिंह चौहान ने बताया कि न्यायालय के आदेश की प्रति एवं प्रार्थना पत्र 22 मई को ही क्षेत्राधिकारी खागा तथा थाना किशनपुर को उपलब्ध करा दिए गए थे। इसके बाद 24 मई को थाना किशनपुर में दोनों पक्षों को बुलाकर वार्ता की गई और विवादित भूमि पर निर्माण कार्य न कराने के निर्देश दिए गए। वहीं 25 मई को थाना पुलिस और लेखपाल की मौजूदगी में मौके पर सड़क के हिस्से का चिन्हांकन भी कराया गया। इसके बावजूद आरोप है कि पीडब्ल्यूडी ठेकेदार नारायण सिंह तथा तीरथ सिंह पुत्र भोला सिंह कछवाह द्वारा चिन्हित क्षेत्र में चोरी-छिपे सड़क निर्माण कार्य कराया जा रहा है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि यह न्यायालय के आदेश का खुला उल्लंघन है। भूतपूर्व सैनिक संगठन ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उपजिलाधिकारी खागा द्वारा पारित स्टे ऑर्डर का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा गाटा संख्या 3267/0.4130 हेक्टेयर पर कराए जा रहे कथित अवैध एवं जबरन सड़क निर्माण को तत्काल पुलिस बल की सहायता से रुकवाया जाए। संगठन ने मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की भी मांग की है।







