15 वर्ष की आयु से समाज सेवा में सक्रिय, बी.ए. एलएल.बी. के छात्र हैं अरुण
PRATAPGARH NEWS: क्षेत्र में अपने सरल स्वभाव और सेवा भावना के लिए प्रसिद्ध युवा समाजसेवी अरुण तिवारी, जिन्हें लोग स्नेहपूर्वक “मिन्कू भैया” के नाम से जानते हैं, समाज सेवा को अपना जीवन उद्देश्य मानकर लगातार जनकल्याण के कार्यों में जुटे हुए हैं। 26 जनवरी 2003 को जन्मे अरुण तिवारी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूज्य पिता द्वारा संचालित अशोक सरस्वती ज्ञान मंदिर, सगरा सुंदरपुर से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने सी.पी.एस. मॉन्टेसरी स्कूल, लालगंज से कक्षा 8 तक तथा आगे की पढ़ाई आइंस्टीन पब्लिक स्कूल से पूर्ण की। वर्तमान में वे बी.ए. एलएल.बी. के छात्र हैं और विधि की शिक्षा के माध्यम से समाज के प्रति अपने दायित्वों को और अधिक प्रभावी ढंग से निभाने का संकल्प रखते हैं। अरुण तिवारी ने मात्र 15 वर्ष की आयु से ही समाजसेवा का मार्ग अपना लिया था। तब से वे सामाजिक, धार्मिक एवं जनहित के कार्यक्रमों में निरंतर सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। उनका मानना है कि “मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है”। इसी भावना के साथ वे दिन-रात किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति की बिना भेदभाव सहायता के लिए तत्पर रहते हैं। गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों की मदद, युवाओं को सामाजिक कार्यों के लिए प्रेरित करना तथा समाज में आपसी भाईचारे को मजबूत करना उनके जीवन का प्रमुख उद्देश्य है। उनके विनम्र व्यवहार और सेवा भावना के कारण क्षेत्र के लोगों में उन्हें विशेष सम्मान प्राप्त है। अरुण तिवारी का कहना है कि “समाज की सच्ची सेवा ही जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है”। इसी सोच के साथ वे निरंतर जनकल्याण के कार्यों में लगे रहकर युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत बनने का प्रयास कर रहे हैं।







