फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा: स्थानीय मीडिया की खबरों और शिकायत पर हुई कार्रवाई, अवैध अस्पताल सील
SIDHARTHNAGAR NEWS: ज़िले के इटवा रोड बढ़नी स्थित राहत हॉस्पिटल सर्जिकल एवं जच्चा बच्चा केंद्र पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई में पंजीकरण फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा गठित टीम ने अस्पताल की गहन जाँच की, जिसमें अस्पताल का पंजीकरण सर्टिफिकेट फर्जी निकला। चौंकाने वाली बात यह है कि यह सर्टिफिकेट सीएमओ कार्यालय से जारी ही नहीं हुआ था। इस गंभीर अनियमितता के बाद, नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार और मजिस्ट्रेट शोहरतगढ़ तहसीलदार अजय कुमार मौर्य की उपस्थिति में अस्पताल की ओपीडी सहित कुल चार कमरों को तत्काल सील कर दिया गया। इस बड़ी कार्रवाई की नींव स्थानीय समाचार पत्र और एक चैनल में प्रकाशित ख़बरों तथा पत्रकार राहुल सिंह की जिलाधिकारी से की गई शिकायत से पड़ी। जिलाधिकारी ने तत्काल मामले का संज्ञान लेते हुए उच्च-स्तरीय टीम गठित करने का निर्देश दिया। जाँच दल में एसीएमओ (नोडल नैदानिक स्थापना) डॉ. प्रमोद कुमार, मजिस्ट्रेट तहसीलदार अजय कुमार मौर्य, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अविनाश चौधरी, फार्मासिस्ट राम सहाय वर्मा, और माधवानंद शुक्ल शामिल थे। जाँच के दौरान, संचालक डॉ. तौसीफ एच खान द्वारा प्रस्तुत किया गया सर्टिफिकेट सीएमओ कार्यालय के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाया, जिसके बाद उसे फर्जी करार दिया गया। एसीएमओ (नोडल नैदानिक स्थापना) डॉ. प्रमोद कुमार ने इस संबंध में बताया, ‘जांचोपरांत अस्पताल प्रबंधन रजिस्ट्रेशन संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। जो रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिखाया गया, वह फर्जी निकला, मेरे विभाग द्वारा जारी नहीं किया गया है। यह गंभीर मामला है।’ डॉ. प्रमोद कुमार ने स्पष्ट किया कि अब यह फर्जी सर्टिफिकेट कहाँ और कैसे जारी हुआ, इसकी गहन जाँच कराई जाएगी। अवैध रूप से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने और फर्जी दस्तावेज़ों के इस्तेमाल पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। न सिर्फ अस्पताल को सील किया गया है, बल्कि संचालक डॉक्टर तौसीफ एच खान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।







