SIDHARTHNAGAR NEWS: सड़कों पर बढ़ते हादसों को रोकने और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए जिला प्रशासन बेहद सख्त हो गया है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन की उपस्थिति में कैंप कार्यालय में आयोजित ‘सड़क सुरक्षा समिति’ एवं ‘जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति’ की उच्च स्तरीय बैठक में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बड़े फैसले लिए गए। बैठक में पूर्व की कार्यवाहियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिले की सड़कों पर बिना पंजीकरण, बिना फिटनेस और बिना परमिट के कोई भी वाहन नहीं चलना चाहिए। उन्होंने एआरटीओ को निर्देशित किया कि ऐसी सभी अनफिट स्कूल बसों को तत्काल बंद कराया जाए और परमिट का उल्लंघन करने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। सड़क हादसों के मुख्य कारणों पर प्रहार करते हुए जिलाधिकारी ने ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहनों पर निरंतर चालान करने का आदेश दिया। साथ ही लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई के अधिशासी अभियंताओं को कड़े निर्देश दिए कि जिले के सभी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां तत्काल साइन बोर्ड और गति सीमा सूचक बोर्ड लगाए जाएं। सड़कों के किनारे लगे संकेतकों की साफ-सफाई कराने और सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगवाना अनिवार्य करने के भी निर्देश दिए गए ताकि रात के समय हादसों को रोका जा सके। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित विद्यालयों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया। स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर जिलाधिकारी ने प्रबंधकों को सख्त हिदायत दी कि 15 वर्ष से अधिक पुरानी हो चुकी बसों का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाए। स्कूल परिसर के भीतर ही वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जाए और बच्चों को लाने-ले जाने के लिए असुरक्षित टैक्सियों के बजाय केवल अधिकृत स्कूली वाहनों का ही उपयोग हो। इसके अलावा, 18 वर्ष से कम उम्र के छात्र-छात्राओं द्वारा निजी वाहन चलाने पर पूर्ण रूप से रोक लगाने तथा इस संबंध में उनके अभिभावकों को जागरूक करने की जिम्मेदारी भी स्कूलों को सौंपी गई है। सड़क संस्कृति में सुधार लाने के लिए प्रशासन ने एक बार फिर नियमों को कड़ाई से लागू करने का मन बना लिया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दो पहिया वाहनों पर तीन सवारी चलने वालों पर नजर रखी जाए और पेट्रोल पंपों पर ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ के नियम का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। इसके साथ ही रोडवेज चालकों का नियमित नेत्र व स्वास्थ्य परीक्षण कराने की बात भी कही गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) गौरव श्रीवास्तव,अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी कमल किशोर, एआरटीओ, जिला विद्यालय निरीक्षक अरुण कुमार, क्षेत्राधिकारी मयंक द्विवेदी सहित सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।







