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सड़क की पटरी पर ट्रक धंसने से बच गई 28 बेजुबान मवेशियों की जान

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  • बिगड़ा पुलिस का खेल, सुबह तड़के ही फंसे ट्रक को निकलवाने में जुटी पुलिस को नहीं मिली सफलता
  • ट्रक में भरे गए कुल 33 पशुओं में चार गायों और एक बैल की हुई मौत, जीवित पशु महुली गौशाला में कराए गए दाखिल
    प्रातःकाल एक्सप्रेस
    कोरांव प्रयागराज। कोरांव थाना क्षेत्र के बिरहा गांव में कोरांव नारीबारी मुख्य मार्ग पर बृहस्पतिवार को सुबह 5 बजे किसी बड़े वाहन से पास लेने के दौरान पशुओं से भरा ट्रक सड़क के किनारे पटरी पर फंस गया। जिससे पुलिस महकमें समेत जनपद के आला अफसरों में हड़कंप मच गया। जैसे ही पशुओं से भरी ट्रक को फंस जाने की सूचना कोरांव पुलिस को हुई थाना प्रभारी राकेश कुमार वर्मा समेत भारी संख्या में पुलिस बल के जवान मौके पर पहुंच गए। पुलिस क्रेन एवं जेसीबी मशीन के द्वारा फंसे हुए ट्रक को बाहर निकालने की कोशिश की जाने लगी। इस दौरान आरोप है कि ग्रामीणों को पुलिस के द्वारा कोई फोटो वीडियो भी नहीं बनाने दिया जा रहा था। पुलिस की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 9 बजे के करीब फंसा हुआ ट्रक निकला। लोग कयास लगा रहे थे कि पुलिस ट्रक को थाने लेकर जाएगी। लेकिन ट्रक को ड्रमंडगंज वाया देवघाट के रास्ते पर मुड़वा दिया गया। इसके बाद जिला पंचायत सदस्य अरुण कुमार चतुर्वेदी उर्फ पिंटू चौबे ने पथरताल गांव में बेलन नहर के पुल पर पशुओं से भरी ट्रक को रुकवा दिया। जिसके बाद थाना प्रभारी राकेश कुमार वर्मा भी मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी ने बताया कि यह ट्रक ड्रमंडगंज होकर छड़ीगड़ा गौशाला में चलेगा। वहीं पशुओं को रखवाया जाएगा। हालांकि उससे पहले महुली गौशाला पड़ी जहां थाना प्रभारी ने मवेशियों से भरी ट्रक को रुकवा कर ट्रक में भरे गए मवेशियों को उतरवाया और महुली गौशाला में ही दाखिल करा दिया। बताया जा रहा है कि ट्रक में कुल 33 पशु क्रूरता के साथ भरे गए थे। जिनके पैर व मुंह बंधे हुए थे। ट्रक में भरे गए पशुओं में चार गायों व एक बैल की मौत भी हो गई थी। सूचना पाकर पशु चिकित्साधिकारी कोरांव ईश्वरीदीन यादव भी अपनी टीम के साथ पहुंच गए। पशु उतारने के बाद एसीपी मेजा एसपी उपाध्याय मौके पर पहुंचकर घटना की तहकीकात की। मामले में थाना प्रभारी राकेश कुमार वर्मा ने कहा कि विधिक कार्रवाई की जा रही है।

गौ तस्करी का गढ़ बनता जा रहा है कोरांव व खीरी थाना क्षेत्र

कोरांव एवं खीरी थाना क्षेत्र में जहां पहले यह गौ तस्करी का गोरख धंधा टवेरा व पिकअप वाहनों से शुरू होकर आज यह अपना विशाल स्वरूप हासिल कर रहा है। आम चर्चाओं पर गौर करें तो हर दूसरे दिन पशुओं से लदे वाहन उपरोक्त दोनों थाना क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। जिनकी पुलिस से भी अच्छी साठ गांठ होती है। स्थानीय लोगों की लोकेशन के आधार पर गौ तस्करी के वाहनों को बकायदा अपना अपना थाना क्षेत्र पार कराने के लिए गौ तस्कर उन्हें मोटी रकम दिया करते हैं।

मुंशी व एक दरोगा समेत एक सिपाही के संलिप्त होने का आरोप

पशुओं से लदे ट्रक को पास कराने में थाना कोरांव के एक मुंशी व एक दरोगा तथा एक सिपाही पर संलिप्त होने का आरोप ग्रामीणों के द्वारा लगाया जा रहा है। पुलिस की कारखासी करने वाले लोग नाम न छापने की शर्त पर बता रहे थे कि यह गोरख धंधा क्षेत्र में काफी दिनों से फल फूल रहा है। जिससे इलाकाई पुलिस को भी अच्छा पैसा मिलता है। जिनके संरक्षण में ही यह गोरख धंधा फल और फूल रहा है। स्थानीय लोगों ने कार्रवाई की मांग की है। मामले में थाना प्रभारी राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि सुसंगत धाराओं में वाद पंजीकृत किया जा रहा है। और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

विधायक ने जताई नाराजगी, की शिकायत

कोरांव और खीरी थाना क्षेत्र में बढ़ चुके गौ तस्करी के इस खेल पर क्षेत्रीय भाजपा विधायक राजमणि कोल ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से करते हुए कहा कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर संलिप्त पुलिस कर्मियों के विरुद्ध उचित दंडात्मक कार्यवाही की जाय। कोरांव मंडल अध्यक्ष बबुआन द्विवेदी ने भी कहा कि यह गंदा खेल पुलिस की मिलीभगत से ही किया जा रहा है।