Home उत्तर प्रदेश सच्ची मित्रता का प्रतीक है कृष्ण-सुदामा का मिलन- स्वामी योगेश्वराचार्य

सच्ची मित्रता का प्रतीक है कृष्ण-सुदामा का मिलन- स्वामी योगेश्वराचार्य

PRATAPGARH NEWS: लालगंज नगर के पूरे स्वामी लालगंज में चल रही श्रीमदभागवत कथा में शनिवार को भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं व श्रीकृष्ण सुदामा की मित्रता से जुड़ी कथा सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा व्यास स्वामी योगेश्वराचार्य महराज ने कहा कि द्वारिका में कृष्ण सुदामा का मिलन सच्ची मित्रता का सर्वोच्च प्रतीक है। उन्होने कहा कि पत्नी के कहने पर पोटली मेें चावल लेकर बाल सखा से मिलने द्वारिका आये सुदामा के आने की जानकारी पर भगवान श्रीकृष्ण भावविहवल होकर नंगे पांव दौड़ पड़े। कथाव्यास ने बताया कि द्वारिकाधीश श्रीकृष्ण ने निर्धन सखा को गले लगाकर आंसुओं से चरण धोकर प्रेम व समानता का संदेश दिया। कथाव्यास स्वामी योगेश्वराचार्य ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा का मिलन मित्र के प्रति समर्पण का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होने कहा कि दरिद्रता होने के बावजूद सुदामा ने परम सखा प्रभु श्रीकृष्ण से कुछ नहीं मांगा, फिर भी भगवान कृष्ण ने उन्हें सब कुछ दे दिया। मुख्य आयोजक पं0 रमाकांत मिश्र व द्रोपदी मिश्रा ने विधिविधान से व्यासपीठ का पूजन करते हुए कथाव्यास का सम्मान किया। संयोजक राजकुमार मिश्र ने श्रद्धालुओं का स्वागत एवं मनीष कुमार मिश्र ने आभार जताया। अधिवक्ता राजेश तिवारी, महेश द्विवेदी, पंकज मिश्र, पप्पू तिवारी, ऋषि द्विवेदी, शिवम सिंहा, शिवाकांत द्विवेदी, सभासद पन्नेलाल पाल, अनुराग पाण्डेय, शशिप्रकाश मिश्र, आरडी यादव, संजय द्विवेदी, छोटेलाल सरोज, आशीष कुमार मिश्र, निखिल मिश्र, शिवशंकर मिश्र, अरूण मिश्र, उमाशंकर मिश्र, राजेश, सुशील, अमित, सुमित, विपिन, नीरज, दीपक, रामनायक, शनि, शिवांग, गंगेश्वर, विनायक मिश्र आदि मौजूद रहे।