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संगठन के मौन होने पर शासन-प्रशासन हो जाता है निरंकुश: डॉ प्रदीप सिंह

चौपाल में शोषण के खिलाफ फूटा आक्रोश, समाधान की मांग तेज

बक्शा के खंड विकास अधिकारी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित
JAUNPUR NEWS: विकास भवन परिसर में आयोजित कर्मचारी समस्या सुनवाई चौपाल में शनिवार को जिलेभर के ग्राम पंचायत अधिकारियों व ग्राम विकास अधिकारियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। कर्मचारियों ने विभागीय विसंगतियों, गैर-विभागीय कार्यों के बोझ और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाते हुए समाधान की मांग तेज कर दी। ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति जौनपुर के बैनर तले आयोजित इस चौपाल में सभी विकास खंडों से आए ग्राम सचिवों व सहायक विकास अधिकारियों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जौनपुर के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप सिंह तथा ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. फूलचंद कनौजिया ने संयुक्त रूप से की।  अध्यक्षता करते हुए डॉ. प्रदीप सिंह ने कहा कि जब संगठन मौन हो जाता है तो शासन-प्रशासन पूरी तरह से निरंकुश हो जाता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि क्षेत्रीय कर्मचारियों का उत्पीड़न अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। साथ ही निर्णय लिया गया कि अब प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को कर्मचारी समस्या चौपाल का आयोजन किया जाएगा। चौपाल में कर्मचारियों ने विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। डॉ. फूलचंद कनौजिया ने कहा कि यह चौपाल केवल समस्याओं का मंच नहीं, बल्कि कर्मचारियों की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो यह चौपाल आंदोलन का रूप ले सकती है। बताया कि लगातार बैठकों, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य विभागीय कार्यों के चलते उनके मूल कार्य, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसी दौरान विकास खंड बक्शा के खंड विकास अधिकारी शुभम बरनवाल पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए गए, जिस पर उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। चौपाल में अशोक कुमार मौर्य, सरिता पाल, लक्ष्मीचंद, डॉ. रामकृष्ण यादव, महेश तिवारी, सीमा यादव, शिवानी श्रीवास्तव, अजय मिश्र, अमित सिंह सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।