Home उत्तर प्रदेश श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह का प्रंसग सुन भाव विभोर हुए श्रोता

श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह का प्रंसग सुन भाव विभोर हुए श्रोता

KAUSHAMBI NEWS:  विकास खंड कड़ा के केन गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को कथा वाचक श्रीनंद जी महाराज ने श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया। भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीला और महारास का वर्णन सुन श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। कथा व्यास श्री नंद जी महाराज ने बताया कि श्रीकृष्ण लीलामृत के महारास में जीवात्मा का परमात्मा से मिलन हुआ। उन्होंने कहा कि जीव और परमात्मा तत्व ब्रह्म के मिलन को ही महारास कहते है। कथा व्यास ने कहा जब जीव में अभिमान आता है, तब भगवान से वह दूर हो जाता है। लेकिन, जब कोई भगवान के अनुराग के विरह में होता है तो श्रीकृष्ण उस पर अनुग्रह करते है, उसे दर्शन देते हैं। भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का प्रथम विवाह विदर्भ देश के राजा की पुत्री रुक्मिणी के साथ संपन्न हुआ, लेकिन रुक्मिणी को श्रीकृष्ण द्वारा हरण कर विवाह किया गया। कथा व्यास ने बताया कि रुक्मिणी स्वयं साक्षात लक्ष्मी हैं और वह नारायण से दूर रह ही नहीं सकती। श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की झांकी ने श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। इस दौरान कथा के आयोजक रामलखन मिश्रा , रामकिरन त्रिपाठी, युगुल किशोर , श्यामदत्त , अवधेश मिश्रा , रामकृष्ण , बालकृष्ण , हरिकृष्ण , शिवम सहित बड़ी संख्या में श्रोतागण मौजूद रहे।