KAUSHAMBI NEWS: सैनी की मिट्टी में आज एक ऐसी कहानी जन्मी है, जिसने शौहर-बीबी के रिश्ते को एक नई पहचान दी है। युवा जिलाध्यक्ष जनसत्ता दल के अश्विनी सिंह ने अपनी बीबी की बीमारी को कभी कमजोरी नहीं बनने दिया।कई वर्षों से उनकी बीबी बिस्तर पर थीं, चलना-फिरना मुश्किल था,जिंदगी जैसे ठहर गई थी लेकिन शौहर का मोहब्बत नहीं ठहरा।दिन हो या रात, संगठन का दबाव हो या राजनीतिक व्यस्तता अश्विनी सिंह ने अपनी बीबी की सेवा को ही सबसे बड़ा कर्तव्य माना।इलाज, दवाई, डॉक्टर, देखभाल, हौसला उन्होंने हर दरवाज़ा खटखटाया।कौशाम्बी के लोग अक्सर कहते थे,इतनी निष्ठा, इतना समर्पण यह सिर्फ सच्चे प्रेम में ही मुमकिन है और आखिरकार वह दिन आया जिसका इंतज़ार वर्षों से था।आज उनकी बीबी को बीमारी से कुछ राहत मिली, चेहरे पर हल्की मुस्कान लौटी और यही मुस्कान अश्विनी सिंह की मेहनत की सबसे बड़ी जीत बन गई।कहानी सिर्फ एक पति की नहीं,बल्कि शौहर-बीबी की उस मिसाल की है जो कौशाम्बी के दिलों में हमेशा याद रखी जाएगी।अश्विनी सिंह ने साबित कर दिया कि पद, प्रतिष्ठा और राजनीति से ऊपर भी एक दुनिया होती है जहाँ मोहब्बत है वहाँ सेवा और विश्वास सबसे बड़ी ताकत बन जाते हैं।







