छठ पूजा का पावन महोत्सव आया,
ढेरों खुशियॉं जन मानस में ये लाया,
नहाय-धोय उपासक पूजे सूरज देवा,
छठ मैया करे आपकी चित् मन सेवा ।
सजे भक्ति भाव की ज्योत से तट,
सुंदर सजीले सरोवर नदियॉं पनघट,
दूर होते छठ पूजा से असाध्य कष्ट,
संचित कर्म पाप हो जाते सारे नष्ट ।
प्रसन्न हो छठी मैया सूरज देव हमारे,
भक्ति श्रद्धा विश्वास से गूॅंजे जयकारे,
मनोरथियों के मनोभाव हो पूरे सारे,
“आनंद” मंगल नाम संकीर्तन उच्चारे ।
कठिन संकल्प चार दिनों का लिया,
निराहार जप तप व्रत भक्तों ने किया,
यम नियम शुद्धता का पालन किया,
उगते डुबते सूर्य देव को अर्ध्य दिया ।
सुख समृद्धि व स्वास्थ्य का हमें वर दो,
वर्तमान व भविष्य को सुरक्षित कर दो,
परिवार में हमारे प्रेम रस भाव भर दो,
अंतःकरण में प्रसन्नता उजागर कर दो ।
– मोनिका डागा “आनंद” , चेन्नई, तमिलनाडु 







