LUCKNOW NEWS: समाजवादी पार्टी के राष्टीय अध्यक्ष एंव उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश की मौजूदगी में विजन इंडिया ने रामबाग पैलेस,जयपुर में अपना हॉर्मोनियस हेरिटेज समिट सफलतापूर्वक संपन्न किया। इस समिट में बुद्धिजीवियों, सांस्कृतिक इतिहासकारों और युवा नेताओं का एक विविध समूह एकत्रित हुआ, जिन्होंने भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और उत्थान के मार्ग पर विचार-विमर्श किया।विजन इंडिया : हॉर्मोनियस हेरिटेज समिट में अखिलेश यादव ने देश के कुशल युवाओं और उससे जुड़े विशाल सामाजिक-आर्थिक संभावनाओं के संदर्भ में भारत की हॉर्मोनियस हेरिटेज की निरंतर विकसित होती प्रकृति पर ध्यान केंद्रित करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्राचीन परंपरागत ज्ञान के साथ नवाचार को मिलाकर भारत अपनी सांस्कृतिक विविधता को सामाजिक समरसता और वैश्विक प्रभाव के एक सतत इंजन में बदल सकता है। अखिलेश यादप ने कहा जयपुर को पिंक सिटी के नाम से जाना जाता है, और गुलाबी रंग वास्तव में समरसता का रंग है-आखिरकार यह लाल और सफेद के पूर्ण मिश्रण से जन्म लेता है। केवल नाम ही नहीं, बल्कि शहर की कला, वास्तुकला, संगीत और भोजन सभी गहरी जड़ें जमाए बहुसांस्कृतिक समरसता को दर्शाते हैं। समरसता शांति और सुकून को बढ़ावा देती है, जो आगे चलकर प्रगति और समृद्धि के लिए अनुकूल वातावरण बनाती है। वास्तविक प्रगति और समृद्धि यह सुनिश्चित करती है कि सभी को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें, जिससे भेदभाव समाप्त होता है। यह उत्पीड़क और उत्पीड़ित, या पीड़ित और उत्पीड़क के बीच की खाई को समाप्त करता है। मूल रूप से, यह असमानताओं को मिटाता है और सामाजिक न्याय पर आधारित राज्य की स्थापना की ओर ले जाता है—और यही हमारा अंतिम लक्ष्य है। इस विषय को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, “इसे प्राप्त करने के लिए हम Vision India: Harmonious Heritage जैसी पहलों के माध्यम से अपने समर्पित प्रयास जारी रखेंगे। और इसे पाने के लिए हम हमेशा इसी तरह की कोशिशें लगातार करेंगे और हासिल करके भी रहेंगे, इसके लिए चाहे साल लगे या सदी! उन्होंने कहा कि समरसता ही विकास की कुंजी है। विशेषज्ञ सत्र, जिसमें विरासत और धरोहर के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखने वाले प्रतिष्ठित वक्ताओं का एक पैनल शामिल था, सुपर सेशन से पहले आयोजित किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन भी उपस्थित रहे। अम्रपाली ज्वेल्स के सह-संस्थापक राजीव अरोड़ा ने कहा, “साझा सच ही शाश्वत सच है। उन्होंने आगे कहा, भारत की विशिष्टता और संस्कृति को अपनाइए और उसका उपयोग कीजिए। इसी तरह विरासत और समरसता आगे बढ़ती है; ऐसी विरासत किसी और के पास दुनिया में नहीं है। लखनऊ जैसे सुंदर शहर, जयपुर जैसे सुंदर शहर, और हमारे मंदिर एवं सभ्यता—इनका संरक्षण और सम्मान करना आवश्यक है। जयपुर रग्स के निदेशक योगेश चौधरी ने कहा,विरासत कला का एक रूप है और वास्तव में,समरसता के बिना हम न तो अस्तित्व में रह सकते हैं और न ही प्रगति कर सकते हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन सांसद डॉ. राजीव राय द्वारा किया गया, संचालन आईआईएम के प्रोफेसर एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व कौशल विकास मंत्री अभिषेक मिश्रा द्वारा किया गया।







