पुलिस प्रशासन गंभीरता से नहीं लिया तो होगा जन आंदोलन
VARANASI NEWS: जी हां बिल्कुल सही सुना आपने कैंट जो धर्म की नगरी काशी में प्रवेश करने का मुख्य मार्ग है जहां पर आए दिन हजारों लोगों की संख्या में आवागमन होता है लेकिन वहां पर असमाजिक तत्व देहव्यापार जैसे गंभीर गतिविधि खुलेआम हो रही हैं।आम महिलाओं का वहां से गुजरना मुश्किल हो गया है क्योंकि उनके साथ भी गलत व्यवहार किया जाता है, उनका रेट पूछा जाता है होटल में अपने साथ चलने और गलत तरीके से छुआ जाता हैं यह सारी चीज वहां पर आए दिन होती रहती है। बुधवार की शाम शहर के एक मानिंद सोशल एक्टिविस्ट एक महिला के सहयोग के लिए भेलूपुर थाना जा रही थी जहां पर एक ऐसे ही व्यक्ति आकर ऑटो में बैठ गया है और मेरे साथ अश्लील हरकत करने लगा होटल में चलने और पैसे देने की बात करने लगा सारी घटना की वीडियो है जिसकी सूचना तुरंत सोशल एक्टिविस्ट ने पुलिस कमिश्नर,डीपी जोन काशी, और एसीपी चेतगंज को व्हाट्स के माध्यम से दिया और सोशल साइट पर ट्वीट भी किया।इस संदर्भ में भुक्तभोगी सोशल एक्टिविस्ट ने आज गुरूवार को पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल को तहरीर देने गई थी जहां पर ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर से सोशल एक्टिविस्ट ने मुलाकात करते हुए पुरी दास्तान सुनाते हुए कहा कि यह मामला बहुत ही जनपद के लिए गंभीर है।इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्होंने तुरंत इस प्रकरण को डीसीपी काशी को आदेशित किया।यह घटना सिर्फ सोशल एक्टिविस्ट कि नहीं है यह बात उन महिलाओं की भी है जो बाहर से कुछ घंटे के लिए शहर में दर्शन पूजन करने के लिए आती है और उनके साथ भी यही सब होता है।इस संदर्भ में सोशल एक्टिविस्ट ने “प्रातः काल एक्सप्रेस ब्यूरो” से बातचीत में कहा कि धर्म की नगरी काशी को दूषित होने से बचाया जाए और मिलकर इस मुद्दे पर आवाज उठाई जाए।वाराणसी में महिलाओं सहित बाहर से आने वाली बहन बेटियां भी सुरक्षित हो सके।अगर इस मामले को गंभीरता से पुलिस प्रशासन में नहीं लिया तो हम सभी जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। पत्रक देने वालों में भुक्तभोगी सोशल एक्टिविस्ट, डंपी तिवारी,अधिवक्ता मन्नालाल लाल यादव, पिंटू शर्मा, विकाश मौर्य, विकाश श्रीवास्तव शामिल रहे







