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वरिष्ठ अधिवक्ता को संदिग्ध एसएमएस से हलकान हुआ पुलिस-प्रशासन, कचहरी की सुरक्षा फिर बढ़ाई गई

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वाराणसी(सरफराज अहमद)। थाना कैंट क्षेत्र के बनारस कचहरी के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बार कौंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य श्रीनाथ त्रिपाठी के मोबाइल नंबर पर बुधवार को एक संदिग्ध संदेश प्राप्त हुआ, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। इस सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड में आ गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट, एसीपी कैंट और इंस्पेक्टर कैंट ने तुरंत कचहरी परिसर का दौरा किया और अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने इस पूरे प्रकरण की लिखित शिकायत जिला जज, वाराणसी को सौंप दी है।

सुरक्षा के दृष्टिकोण से, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीम को मौके पर बुलाया गया, ताकि कचहरी परिसर की सघन जांच की जा सके। जांच के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली।

पुलिस और प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि अधिवक्ता द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, कचहरी में न्यायिक कार्य सामान्य रूप से संचालित हो रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर परिसर में सतर्क निगरानी रखी जा रही है और शांति व्यवस्था पूरी तरह से कायम है।

इस घटना ने कचहरी परिसर में सुरक्षा को लेकर चिंताओं को बढ़ा दिया है। प्रशासन ने इस प्रकार की घटनाओं से निपटने के लिए सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। अधिवक्ताओं और न्यायालय के कर्मचारियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

कचहरी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है। इसके साथ ही, सभी अधिवक्ताओं और न्यायालय के कर्मचारियों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने के लिए कहा गया है।

इस प्रकार की घटनाएं न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। श्रीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि इस प्रकार के संदेशों से अधिवक्ताओं और न्यायालय के कर्मचारियों में भय का माहौल बन सकता है, इसलिए सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।इस घटना ने कचहरी परिसर में सुरक्षा के मुद्दे को एक बार फिर से उजागर किया है और प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।