हथगांव केंद्र में भ्रष्टाचार का वीडियो वायरल, निष्पक्ष जांच की मांग तेज
FATEHPUR NEWS: जनपद के हथगांव विकास खंड के आंगनबाड़ी केंद्र में रिश्वत लेने के एक वीडियो के वायरल होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। मामले की जांच में दोषी पाई गई आंगनबाड़ी सुपरवाइजर सुकन्या देवी को निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि अब तक सीडीपीओ संतोष पाल के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
जानकारी के अनुसार, हथगांव आंगनबाड़ी केंद्र में कई महीनों से पंजीरी, तेल, दलिया आदि वितरण के नाम पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से धन की वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। बताया गया कि सुपरवाइजर द्वारा महिलाओं से प्रति माह ₹300 से ₹500 तक वसूला जा रहा था। इसी दौरान रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद जिले के आला अधिकारियों ने जांच शुरू की। जांच में सुपरवाइजर सुकन्या देवी की संलिप्तता सामने आने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया। हालांकि, सीडीपीओ संतोष पाल, जो लगभग सात वर्षों से एक ही विकास खंड में तैनात हैं, उनके खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई न होने से विभागीय पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि वीडियो में दिख रहे तथ्यों के बावजूद केवल एक कर्मचारी पर कार्रवाई करना अधूरी जांच का संकेत देता है। वहीं, कुछ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने आरोप लगाया कि विभाग के कुछ अधिकारी मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो आंगनबाड़ी केंद्रों में करोड़ों रुपये का अनियमितता प्रकरण उजागर हो सकता है। फिलहाल, जिले के प्रशासनिक अधिकारी मामले की जांच आगे बढ़ा रहे हैं, लेकिन जनता पारदर्शी कार्रवाई और दोषियों पर कठोर दंड की अपेक्षा कर रही है।







