Home उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय लोक अदालत में 1,37,239 वादों का निस्तारण

राष्ट्रीय लोक अदालत में 1,37,239 वादों का निस्तारण

करोड़ों रुपये मुआवजा एवं बैंक ऋण मामलों का हुआ समाधान
KUSHINAGAR NEWS:  राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर के तत्वावधान में आज जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारम्भ कार्यक्रम का शुभारम्भ संजीव कुमार त्यागी, जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर एवं गुलाब सिंह, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, कुशीनगर द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर तथा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर इफराक अहमद (अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश), आनन्द प्रकाश-III (विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट एवं नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत), मोहम्मद आजाद (अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय), परमेश्वर प्रसाद, शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी, सत्यपाल सिंह प्रेमी, दिनेश कुमार-II (अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशगण), विजय कुमार वर्मा-II (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट), मयंक प्रकाश एवं डॉ० रामेश्वर दयाल (सिविल जज एसडी), प्रभात सिंह (सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण), भुवन, अजीत कुमार मिश्र, शान्तनु तंवर, सुनन्दन गोयल, विवेक प्रजापति तथा सुश्री ज्योत्सना नागवंशी सहित अनेक न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण एवं वादकारी उपस्थित रहे।
स्थायी लोक अदालत एवं विधिक सेवा प्राधिकरण की सहभागिता कार्यक्रम में अंगद प्रसाद-III (अध्यक्ष, स्थायी लोक अदालत), दीपाली सिन्हा (सदस्य), लक्ष्मण पाठक (चीफ एलएडीसीएस), राकेश कुमार सिंह (डिप्टी एलएडीसीएस), आलोक चन्द्र पाण्डेय एवं महेन्द्र यादव (असिस्टेंट एलएडीसीएस) सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समस्त पीएलवीगण उपस्थित रहे।
विशेष लोक अदालतों में वादों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत के पूर्व आयोजित विशेष लोक अदालतों में— लघु आपराधिक वाद (11, 12 एवं 13 मार्च 2026) में कुल 106 वादों का निस्तारण
एन०आई० एक्ट विशेष लोक अदालत (12, 13 एवं 14 मार्च 2026) में 4 वादों का निस्तारण किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में व्यापक स्तर पर निस्तारण

शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 1,37,129 वादों का निस्तारण किया गया। पूर्व विशेष लोक अदालतों सहित कुल 1,37,239 वादों का सफलतापूर्वक निस्तारण हुआ।
मुख्य उपलब्धियाँ निम्नवत रहीं— फौजदारी वाद: 7,445 मामलों का निस्तारण, ₹98,300 जुर्माना राजकीय कोष में जमा, मोटर दुर्घटना दावा वाद: 102 मामलों का निस्तारण, ₹8,49,10,200 मुआवजा प्रदान, पारिवारिक न्यायालय: 103 वादों का निस्तारण, बैंक ऋण प्री-लिटिगेशन वाद: 2,094 मामलों का निस्तारण, ₹12,26,24,870 टोकन मनी वसूली, राजस्व वाद: 1,187 मामलों का निस्तारण पारिवारिक विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान
प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय द्वारा पारिवारिक विवादों का निस्तारण करते हुए 10 दंपत्तियों को माला पहनाकर पुनः एक साथ विदा किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्री-लिटिगेशन स्तर पर 1 वाद का निस्तारण भी किया गया। स्थायी लोक अदालत द्वारा क्षतिपूर्ति स्थायी लोक अदालत द्वारा 2 वादों का निस्तारण करते हुए कुल ₹20 लाख की क्षतिपूर्ति प्रदान की गई। इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से जनपद में त्वरित, सुलभ एवं सौहार्दपूर्ण न्याय उपलब्ध कराते हुए कुल 1,37,239 वादों का निस्तारण किया गया।