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राजस्व वादों एवं वसूली की समीक्षा बैठक सम्पन्न, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश

SIDHARTHNAGAR NEWS: जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व वाद एवं वसूली की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ज्ञान प्रकाश सहित सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार व राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को सहायता राशि शीघ्र उपलब्ध कराई जाए। किसी भी प्रकरण में अनावश्यक विलंब न हो, सभी का निस्तारण समय सीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने आवेदन पत्रों की ऑनलाइन फीडिंग अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। निर्विवाद वरासत व राजस्व वादों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि उपजिलाधिकारी स्वयं रिपोर्ट की जांच कर भेजें। यदि कोई प्रकरण राजस्व निरीक्षक या लेखपाल के स्तर पर लंबित है तो उन्हें नोटिस जारी किया जाए। उन्होंने धारा 24 के वादों की फीडिंग कराते हुए शीघ्र निस्तारण कराने का निर्देश दिया। अवैध अतिक्रमण को चिन्हित कर कब्जामुक्त कराने और चकमार्गों की पहचान के लिए अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि खंड विकास अधिकारियों के समन्वय से चकमार्गों की मिट्टी पटाई का कार्य पूर्ण कराया जाए। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को प्रतिदिन न्यायालय में बैठकर तीन वर्ष से अधिक पुराने सभी वादों का निस्तारण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही वरासत के मामलों को समय सीमा के भीतर समाप्त करने को कहा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी धारा के तहत पाँच वर्ष या तीन वर्ष से अधिक पुराने प्रकरण लंबित नहीं रहने चाहिए। उन्होंने धारा-24, 116, 176, 67 और 80 के अंतर्गत लंबित मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए। खुर्रा बटवारा के प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा गया। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को प्रत्येक शुक्रवार अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक करने का निर्देश दिया। साथ ही सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कर उस पर पत्थर लगवाने और राजस्व वसूली बढ़ाकर लक्ष्य प्राप्त करने पर जोर दिया। अंत में जिलाधिकारी ने आईजीआरएस के प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।