योगदान लिए सेंट जेवियर्स में डॉ. सुनील चौरसिया ‘सावन’ हुए सम्मानित
KUSZHINAG NEWS: सेंट जेवियर्स सिनियर सेकेंडरी स्कूल, कप्तानगंज, जनपद- कुशीनगर में आयोजित हिंदी सप्ताह समारोह में प्रधानाचार्य वैभव वांटू और निर्देशक आकाश मिश्रा ने साहित्यकार डॉ. सुनील चौरसिया ‘सावन’ को सम्मानित किया। पीएम केन्द्रीय विद्यालय गांगरानी कुशीनगर, उत्तर प्रदेश में स्नातकोत्तर शिक्षक (हिन्दी) पद पर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे ‘सावन’ ने कहा कि जीवन में नैतिक मूल्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने ‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा, कुछ इस तरह से कर लो गुजारा, कि ज़िन्दगी बन जाए सितारा’ जैसी प्रेरक कविताएं सुनाई। विद्यार्थियों को समझाते हुए कहा कि माता-पिता प्रथम शिक्षक होते हैं जिनके प्रति हमारे मन में आदर भाव होना चाहिए। इसी भाव में उन्होंने सुनाया ‘मां ममता के अमृत से जीवन को सींचे। मेरी ज़िंदगी है पापा के पांव के नीचे। उन्होंने अपनी संस्था ‘सावन साहित्य सेवा सदन’ के समाज सुधारक मुहिम के संदर्भ में बताते हुए कहा कि हमारी कोशिश रहती है कि किन्नर, अनाथ बच्चों, दिव्यांगजन, तलाकशुदा स्त्री और विधवा के प्रति लोगों के मन में सम्मान भाव जागृत हो। उनकी ‘मैं हूं कर्मठ किन्नर’ नामक कविता बहुत पसंद की गई। अटल नगर (अमवा बाजार), नगर पंचायत रामकोला, जनपद कुशीनगर में स्थापित समाजसेवी संस्था सावन साहित्य सेवा सदन के द्वारा खुले में शौच करने वालों को जागरूक करने की पहल को सबने बहुत सराहा। डॉ. ‘सावन’ ने गीत ‘ए चिरई काहें एतना गुमान करेलू’ सुनाते हुए सुझाया कि हमारे मन में राजभाषा हिंदी एवं मातृभाषा भोजपुरी के प्रति सम्मान भाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी माध्यम से संचालित निजी विद्यालय भी हिन्दी हितैषी है और होना भी चाहिए। शिक्षिका सुमन ने धन्यवाद ज्ञापित किया। विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी उपस्थित रहे।







