Home उत्तर प्रदेश रमजान का पहला अशरा रहमत वाला खत्मरविवार को दूसरे अशरे मगफिरत की...

रमजान का पहला अशरा रहमत वाला खत्मरविवार को दूसरे अशरे मगफिरत की हो गई है शुरुआत

BHADOHI NEWS:  मुकद्दस माह-ए-रमजान में इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग उत्साह के साथ पूरे माह रोजे रखते हैं और अपनी इबादतों में इजाफा करते हुए पूरे आलम के लिए दुआएं करते हैं। रमजान माह का पहला अशरा शनिवार को खत्म हो गया। रविवार को दूसरा अशरा शुरू हो जाएगा। रमजान माह के तीस दिनों को 3 अलग-अलग अशरा (यानी दस दिन का एक अशरा) में बांटा गया है। जिसमें एक से 10 रमजान तक पहला अशरा जिसे रहमत (दया) कहा गया है। 11 से 20 रमजान तक दूसरा अशरा जिसे मगफिरत (बख़्शिश) वाला अशरा कहा गया है। तीसरा और आखिरी अशरा, 21 से 30 रमजान का होता है। जिसे जहन्नम की आग से निजात (मोक्ष) वाला अशरा कहा गया है। रमजान माह का पहला अशरा शनिवार को खत्म हो गया है। रमजान के दस रोजे पूरे हो चुके हैं और 11वां रोजा रखा जाएगा। उलेमाओं की मानें तो रमजान का पहला अशरा अल्लाह की रहमत (दया) का अशरा है। इसमें अल्लाह की विशेष कृपा और बरकतें उतरती हैं और रोजेदार को अल्लाह की विशेष रहमतों से नवाजा जाता है। यह अशरा खत्म हो चुका है। यह अशरा अल्लाह की रहमतों को पाने का एक सुनहरा मौका था। जो लोग इस अशरे में इबादत तिलावत-ए- कुरआन और दुआओं में लापरवाही बरतते रहे। वे इसकी खास रहमतों से महरूम रह गए. वे लोग जिन्होंने रोजे तो रखे, लेकिन गफलत (बेपरवाह) में रहे और अल्लाह से दुआ और इस्तिगफार (माफी मांगना) नहीं किया। उन्होंने बहुत बड़ी नेमत खो दी। वैसे इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग इस समय अल्लाह की इबादत में मशगूल हैं। रोजा रखकर सेहरी और इफ्तार की रोजाना खरीदारी की जा रही है। रमजान के मद्देनजर फलों और खजूर की डिमांड काफी बढ़ गई है।