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युवा शक्ति को सही दिशा मिले तो राष्ट्र निर्माण में निभाएगी बड़ी भूमिका

युवा संवाद में सह प्रांत प्रचारक मुनीश ने युवाओं से इतिहास, संस्कृति और संस्कारों से जुड़ने का किया आह्वान

FATEHPUR NEWS: सरदार वल्लभभाई पटेल प्रेक्षागृह, पटेल नगर में शनिवार को “आधुनिक भारत में युवाओं की भूमिका” विषय पर युवा संवाद एवं जिज्ञासा समाधान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की और सामाजिक, राष्ट्रीय एवं समसामयिक विषयों से जुड़े विभिन्न सवाल अतिथियों के समक्ष रखे। प्रश्नोत्तरी के माध्यम से युवाओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रांत प्रचारक मुनीश ने कहा कि भारत की महान परंपरा और इतिहास युवाओं को संघर्ष, त्याग, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। स्वामी विवेकानंद से लेकर चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह और खुदीराम बोस तक अनेक महापुरुषों ने युवाओं के सामने आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा के आदर्श प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने हल्दीघाटी के युद्ध और महाराणा प्रताप का उदाहरण देते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद अपने स्वाभिमान से समझौता न करना युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने युवाओं से अपनी संस्कृति, सभ्यता, रहन-सहन और परंपराओं को समझने तथा उन्हें आगे बढ़ाने का आह्वान किया। पृथ्वीराज चौहान, छत्रपति शिवाजी महाराज और राजा सुहेलदेव के ऐतिहासिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने समाज की एकता और सामूहिक शक्ति के महत्व पर भी प्रकाश डाला। मुनीश ने कहा कि जब समाज संगठित होकर एक दिशा में कार्य करता है तो बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है। उन्होंने डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के कार्यों का उल्लेख करते हुए युवाओं से समाज को संगठित और राष्ट्र के प्रति समर्पित बनाने की दिशा में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में युवाओं ने बढ़ती उग्र भावनाओं, संस्कारों, जंतर-मंतर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे समसामयिक विषयों पर सवाल पूछे। युवाओं में बढ़ रही उग्र भावनाओं से जुड़े प्रश्न के उत्तर में मुनीश ने कहा कि युवाओं में ऊर्जा और आवेग होना आवश्यक है, लेकिन उस ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण, समाजसेवा, कौशल विकास और रचनात्मक कार्यों में लगाया जाना चाहिए। एआई के बढ़ते प्रयोग पर उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उचित उपयोग कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक हो सकता है, लेकिन अत्यधिक निर्भरता से मनुष्य की स्वयं सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसलिए तकनीक को साधन के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए, उसे अपनी बुद्धि और विवेक का विकल्प नहीं बनने देना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता मयूर गुप्ता ने की। उन्होंने कहा कि युवा केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को भी समझें। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और सकारात्मक सोच भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। विशिष्ट वक्ता प्रिया मिश्रा, प्रवक्ता महात्मा गांधी इंटर कॉलेज सिधांव, ने कुटुंब प्रबोधन विषय पर विचार रखते हुए कहा कि परिवार भारतीय संस्कृति की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। संस्कारित और सुदृढ़ परिवार ही संस्कारित समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला बनता है। उन्होंने युवाओं से परिवार में संवाद, संस्कार और भारतीय जीवन मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन श्रेय शुक्ला ने किया। इस अवसर पर जिला विद्यार्थी प्रमुख अखंड प्रताप सिंह, नगर विद्यार्थी प्रमुख मृदुल शुक्ला, प्रांशु द्विवेदी, विपिन पटेल, प्रसून तिवारी, ऋषिका तिवारी, सत्यम अवस्थी, रितिक ठाकुर, विवेक मिश्र सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।