Home उत्तर प्रदेश यातायात माह बेअसर, जाम से लोगों को नहीं मिली राहत

यातायात माह बेअसर, जाम से लोगों को नहीं मिली राहत

हेलमेट को लेकर नहीं दिखी जागरूकतायातायात माह मनाए जाने के बावजूद शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में कोई खास सुधार नजर नहीं आया। शहर के प्रमुख चौराहों—इलाइट , ओरछा गेट, झाँसी-ललितपुर हाईवे और सीपरी बाजार—पर रोजाना लंबे जाम लग रहे हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यातायात पुलिस ने अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम, चालान कार्रवाई और सड़क सुरक्षा से जुड़े कई कदम उठाने का दावा किया था, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका प्रभाव कम दिखाई दिया। सुबह और शाम के व्यस्त समय पर स्थिति और अधिक बिगड़ जाती है। स्कूली बच्चों, कार्यालय आने-जाने वालों और व्यापारियों को जाम में फंसकर अपने कीमती समय की बर्बादी झेलनी पड़ रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क निर्माण, गलत पार्किंग, अस्थायी दुकानें और भारी वाहनों की अवैध आवाजाही ट्रैफिक जाम की बड़ी वजह हैं। वहीं, यातायात विभाग का कहना है कि अभियान जारी है और आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती तथा पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा।
वही जनपद  में इस बार मनाए गए यातायात माह के दौरान हेलमेट को लेकर लोगों में अपेक्षित जागरूकता देखने को नहीं मिली। ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चलाए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन चालक qबिना हेलमेट सड़कों पर दौड़ते नज़र आए।
अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कराना तभी संभव है जब लोग स्वयं अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। अभियान के दौरान कई जगहों पर जागरूकता रैलियाँ, पोस्टर प्रदर्शन और स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए, फिर भी हेलमेट न पहनने वालों की संख्या में कोई खास कमी नहीं आई।
लोगों की उम्मीद है कि प्रशासन सख्त और स्थायी व्यवस्था लागू करे, ताकि शहर को जाम की समस्या से वास्तविक रूप में निजात मिल सके।

ट्रैफिक पुलिस ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनने की आदत को अनिवार्य बनाएं।

JHANSI NEWS: यातायात माह मनाए जाने के बावजूद शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में कोई खास सुधार नजर नहीं आया। शहर के प्रमुख चौराहों—इलाइट , ओरछा गेट, झाँसी-ललितपुर हाईवे और सीपरी बाजार—पर रोजाना लंबे जाम लग रहे हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यातायात पुलिस ने अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम, चालान कार्रवाई और सड़क सुरक्षा से जुड़े कई कदम उठाने का दावा किया था, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका प्रभाव कम दिखाई दिया। सुबह और शाम के व्यस्त समय पर स्थिति और अधिक बिगड़ जाती है। स्कूली बच्चों, कार्यालय आने-जाने वालों और व्यापारियों को जाम में फंसकर अपने कीमती समय की बर्बादी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क निर्माण, गलत पार्किंग, अस्थायी दुकानें और भारी वाहनों की अवैध आवाजाही ट्रैफिक जाम की बड़ी वजह हैं। वहीं, यातायात विभाग का कहना है कि अभियान जारी है और आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती तथा पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। वही जनपद  में इस बार मनाए गए यातायात माह के दौरान हेलमेट को लेकर लोगों में अपेक्षित जागरूकता देखने को नहीं मिली। ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चलाए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन चालक qबिना हेलमेट सड़कों पर दौड़ते नज़र आए। अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कराना तभी संभव है जब लोग स्वयं अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। अभियान के दौरान कई जगहों पर जागरूकता रैलियाँ, पोस्टर प्रदर्शन और स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए, फिर भी हेलमेट न पहनने वालों की संख्या में कोई खास कमी नहीं आई। लोगों की उम्मीद है कि प्रशासन सख्त और स्थायी व्यवस्था लागू करे, ताकि शहर को जाम की समस्या से वास्तविक रूप में निजात मिल सके। ट्रैफिक पुलिस ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनने की आदत को अनिवार्य बनाएं।