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मोमबत्ती से दागे गए 6 छात्र, मेडिकल कॉलेज में रैगिंग कांड से मचा हड़कंप

SIDHARTHNAGAR NEWS: जनपद सिद्धार्थनगर मुख्यालय स्थित माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में सामने आए रैगिंग कांड ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कॉलेज प्रशासन ने इस मामले में केवल एक छात्र को आरोपी बताया है, जबकि 15 से 20 जूनियर छात्रों के उत्पीड़न और 6 छात्रों को मोमबत्ती से दागे जाने की घटना प्रकाश में आई है। इस प्रकरण ने यह बहस तेज कर दी है कि क्या यह सब एक छात्र का काम था या इसके पीछे कोई पूरा समूह सक्रिय था।पीड़ित छात्रों की शिकायत और आंतरिक जांच के अनुसार, एमबीबीएस 2023 बैच का एक सीनियर छात्र एमबीबीएस 2025 बैच के 15 से 20 जूनियर छात्रों को अपने कमरे में बुलाता था, जहां उनके साथ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की जाती थी। जांच में सामने आया कि 6 छात्रों को मोमबत्ती से दागा गया, जिससे उनके शरीर पर जलने के निशान पड़ गए। कुछ छात्रों की आइब्रो भी काटी गईं। इसके अलावा कई छात्रों को घंटों तक मुर्गा बनाकर रखा गया और अपमानजनक हरकतें करने के लिए मजबूर किया गया।जूनियर छात्रों से निजी सवाल पूछे गए, उनके मोबाइल फोन की जांच की गई और शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या एक छात्र अकेले इतने बड़े पैमाने पर रैगिंग को अंजाम दे सकता था। 6 छात्रों को मोमबत्ती से दागना, आइब्रो काटना और 15 से 20 छात्रों को मुर्गा बनाकर प्रताड़ित करना—यह सब एक व्यक्ति द्वारा किया जाना संदिग्ध प्रतीत होता है।इस संबंध में माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य राजेश मोहन ने बताया कि मामला 27 फरवरी को संज्ञान में आने के बाद एंटी रैगिंग कमेटी का गठन किया गया। जांच में पाया गया कि 2023 बैच का बहराइच निवासी छात्र शौर्य गुप्ता जूनियर छात्रों का मानसिक उत्पीड़न कर रहा था और उसने 5 से 6 छात्रों को मोमबत्ती से दागा।प्राचार्य के अनुसार, वार्डन आशीष शर्मा की तहरीर पर सिद्धार्थनगर कोतवाली में केस दर्ज कराया गया है। आरोपी पर ₹25,000 का अर्थदंड लगाया गया है। साथ ही उसे एक वर्ष के लिए शैक्षिक कक्षाओं में भाग लेने से वंचित करने और हॉस्टल से निष्कासित करने की कार्रवाई की गई है।