FATEHPUR NEWS: क्षेत्र के सोनारी गांव निवासी जय नारायण सिंह ने मृत्यु के बाद अपनी आंखें दान कर मानवता की मिसाल पेश की। उनके नेत्रदान से किसी जरूरतमंद के जीवन में रोशनी आने की उम्मीद जगी है। जय नारायण सिंह का रविवार शाम करीब चार बजे निधन हो गया। उन्होंने जीवनकाल में ही मृत्यु के बाद अपनी आंखें दान करने का संकल्प लिया था। उनके निधन के बाद परिजनों ने उनके संकल्प को पूरा करते हुए सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय, जानकीकुंड चित्रकूट को सूचना दी। सूचना मिलने पर रविवार रात करीब 10 बजे चिकित्सक डॉ. विभाल अपनी टीम के साथ सोनारी गांव पहुंचे। चिकित्सकों की टीम ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनकी आंखों से कॉर्निया निकालकर सुरक्षित रूप से संरक्षित कर लिया। परिजनों के मुताबिक जय नारायण सिंह का पूरा परिवार मृत्यु के बाद नेत्रदान के संकल्प से जुड़ा हुआ है। परिवार के कई सदस्य अपने निधन के बाद नेत्रदान कर चुके हैं। परिजनों का कहना है कि मृत्यु के बाद भी किसी जरूरतमंद के जीवन में रोशनी पहुंचाना मानव सेवा का सबसे बड़ा कार्य है। नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय की ओर से परिजनों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। जय नारायण सिंह के इस पुनीत कार्य की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।







