MIRZAPUR NEWS: (अमरेश चन्द्र पाण्डेय) प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए चलाया जा रहा मिशन शक्ति अभियान एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। जिगना थाना क्षेत्र के गौरा गाँव में बुधवार सुबह एक महिला पर चाकू और सरिया से निर्मम हमला किया गया। इस हमले में महिला बुरी तरह घायल हो गई, उसकी एक आंख फूट गई और शरीर पर गहरे जख्म आए। घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, गौरा गाँव में जमीन को लेकर फूलकनी देवी पत्नी दीप नारायण, उनकी बेटी गुड़िया और बरकी देवी पत्नी केवला प्रसाद ने मिलकर पीड़िता पर हमला कर दिया। चाकू और सरिया से की गई मारपीट के दौरान महिला लहूलुहान हो गई। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मारपीट, जान से मारने की धमकी समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में जुटी है। मिशन शक्ति के नाम पर महिला सुरक्षा की बातें मंचों और अखबारों तक सीमित रह गई हैं। गौरा गाँव की यह घटना मिशन शक्ति की पोल खोलती है कि जमीनी हकीकत कितनी दर्दनाक है।
क्या मिशन शक्ति सिर्फ पोस्टरों और भाषणों तक सीमित रहेगा? क्या प्रशासन तब ही जागेगा जब किसी महिला की जान चली जाएगी?गौरा गाँव की यह घटना बताती है कि महिलाओं की सुरक्षा अब भी बड़े वादों के नीचे दबकर रह गई है। अब ज़रूरत है कि पुलिस और प्रशासन दिखावे से आगे बढ़कर जमीन पर सख्त और संवेदनशील कार्रवाई करें, ताकि ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।







