मासूम ने पिता और गोद लेने वाले के साथ जाने से किया इंकार
ETAWA NEWS: सात वर्षीय रोशनी अपने परिवार से पीड़ित होकर डीएफसी रेलवे ट्रैक अछल्दा पर पिछले दिन मंगलवार को जीवन लीला समाप्त करने के लिए दौड़कर पंहुची थी। उसे कुछ लोगों ने जान बचाने के बाद गोद लेने की कहकर स्कूल में दाखिला दिलाया लेकिन उसके बाद उस रिश्ते को नहीं निभा सके। नाबालिग को बाल विकास मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने पर उसने पिता व गोद लेने वाले दंपति के साथ जाने से इंकार कर दिया। जिस पर कोर्ट ने उसे बाल संरक्षण गृह कानपुर भेज दिया। शुक्रवार को बाल संरक्षण विभाग ने अपने अहम फैसला देते हुए मासूम रोशनी पुत्री संतोष राजपूत निवासी खजुरियन पुर्वा थाना फफूंद को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। इस दौरान मासूम ने पिता संतोष राजपूत एवं गोद लेकर परिवरिश करने की दंमभरने वाले चंदन राजपूत के साथ जाने से मासूम ने इंकार कर दिया। जिस पर बाल संरक्षण मजिस्ट्रेट ने मासूम बच्ची रोशनी के बयान के बाद उसको बाल संरक्षण गृह कानपुर भेज दिया। बाल सरंक्षण अधिकारी रीना चौहान ने बताया कि पुत्री के पिता ने साथ ले जाने से मना कर दिया व पुत्री ने भी पिता के साथ जाने से मना कर दिया।मासूम के सर में काफी चोटे दिखने पर मार पीट की पुष्टि हुई है उसके स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखते हुए उपचार चल रहा है।







