PRAYAGRAJ NEWS: कौंधियारा थाना क्षेत्र के देवरा डांडी गांव में मामूली कहासुनी के बाद हुए गोलीकांड में घायल युवक की आखिरकार इलाज के दौरान मौत हो गई। यह घटना 18 दिन पहले हुई थी, जब एक साधारण विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दबंगों ने युवक को गोली मार दी थी। शुक्रवार देर शाम जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी 18वें दिन मौत हो गई, जिससे परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक की पहचान धर्मराज आदिवासी (30 वर्ष) पुत्र रिबई आदिवासी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन मंगलवार की शाम करीब 6:30 बजे धर्मराज का गांव के ही कुछ लोगों से किसी मामूली बात को लेकर विवाद हो गया था। पहले कहासुनी हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने आक्रोश में आकर धर्मराज पर गोली चला दी। गोली उसकी पीठ में लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा और तड़पने लगा। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के ग्रामीण दौड़कर पहुंचे और परिजनों को सूचना दी। आनन-फानन में घायल धर्मराज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कौंधियारा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि गोली उसकी पीठ में फंसी रही, जिससे उसकी स्थिति लगातार नाजुक बनी रही। करीब 18 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद शुक्रवार देर शाम उसने दम तोड़ दिया। धर्मराज की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी इस घटना के बाद भय और आक्रोश का माहौल देखा जा रहा है। घटना में शामिल आरोपियों की पहचान अतुल सिंह पुत्र नागेंद्र सिंह और शुभम सिंह के रूप में हुई है, जबकि एक अन्य आरोपी अज्ञात बताया जा रहा है। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। मृतक धर्मराज आदिवासी चार भाइयों में से एक था और मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी मौत से परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी गहरा असर पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि धर्मराज मेहनती और सरल स्वभाव का व्यक्ति था, जिसकी इस तरह हत्या होना बेहद दुखद है। इस मामले में थाना प्रभारी कुलदीप शर्मा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और विवेचना जारी है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान आवश्यक धाराएं बढ़ाई जाएंगी और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल, इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मामूली विवाद किस तरह गंभीर अपराध का रूप ले लेते हैं, जिससे न केवल एक परिवार उजड़ता है बल्कि पूरे समाज में असुरक्षा का माहौल बनता है।








