जिम्मेदारों की भूमिका पर उठ रहे सवाल
FATEHPUR NEWS: खागा तहसील क्षेत्र अंतर्गत ऐरायाँ विकास खंड के प्रेमनगर कस्बा में एस. एस. पब्लिक स्कूल बीते कई वर्षों से मानक विहीन तरीके से संचालित किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह स्कूल एक दो मंजिला रिहायशी मकान में चल रहा है, जहां शैक्षणिक और सुरक्षा से जुड़े जरूरी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसके बावजूद करीब दो सौ बच्चों की पढ़ाई इसी स्कूल में कराई जा रही है, जिससे उनकी सुरक्षा और भविष्य दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार स्कूल में अधिकतर शिक्षक अनुभव विहीन (अनट्रेंड) हैं, जिनके पास न तो आवश्यक प्रशिक्षण है और न ही शिक्षण का पर्याप्त अनुभव। ऐसे में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है, जबकि अभिभावकों से अंग्रेजी माध्यम (कान्वेंट) के नाम पर मोटी फीस वसूली जा रही है। इतना ही नहीं ये भी बताया जा रहा है कि ऐरायाँ क्षेत्र में कई ऐसे स्कूल और मदरसे हैं, जो केवल पांचवीं तक हिंदी बोर्ड की मान्यता लेकर अंग्रेजी माध्यम का बोर्ड लगाकर संचालित हो रहे हैं। इससे अभिभावक भ्रमित हो रहे हैं और बच्चों का शैक्षणिक स्तर प्रभावित हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक एस. एस. पब्लिक स्कूल के संचालक सुभाष चंद्र पटेल ने केवल प्राइमरी स्तर की मान्यता प्राप्त की है, लेकिन इसके बावजूद स्कूल को जूनियर स्तर तक चलाया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है। सबसे गंभीर बात यह है कि जिस मकान में स्कूल संचालित हो रहा है, वहां घरेलू रसोई और गैस सिलेंडर का भी उपयोग होता है। इसके बावजूद न तो फायर सेफ्टी के इंतजाम हैं और न ही नेशनल बिल्डिंग कोड, पुस्तकालय कक्ष, कार्यालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं मौजूद हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना मानक पूरे किए शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल को मान्यता और यूडाइस कोड कैसे दे दिया गया? सूत्रों का यह भी कहना है कि स्कूल संचालक और बीआरसी ऐरायाँ के एक कर्मचारी के बीच साठगांठ के चलते यह स्कूल नियमों को ताक पर रखकर चलाया जा रहा है। इस पूरे मामले में खंड शिक्षा अधिकारी ऐरायाँ ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह पाया जाता है कि स्कूल मानक विहीन तरीके से और बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डालकर संचालित किया जा रहा है, तो तत्काल जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।







