Home उत्तर प्रदेश महोबा की हैवानियत पर आक्रोश, कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला

महोबा की हैवानियत पर आक्रोश, कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला

जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद बोले— अजय राय की जांच मंजूर, भाजपा भी अपने मंत्रियों का हिसाब दे
SIDHARTHNAGAR NEWS: महोबा जनपद में एक दलित छात्रा के साथ हुई अमानवीय व बर्बर घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। कानून-व्यवस्था और संस्थागत भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला कांग्रेस कमेटी सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष काजी सुहेल अहमद ने शुक्रवार को यहाँ आयोजित एक विशेष पत्रकार वार्ता में प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 16 दिनों तक बंधक बनाकर छात्रा के साथ की गई हैवानियत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है, लेकिन संवेदनहीनता की पराकाष्ठा यह है कि शासन का कोई भी नुमाइंदा पीड़ित परिवार का आंसू पोंछने नहीं पहुंचा। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जब उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाने के लिए रवाना हुए, तो दमनकारी नीतियों पर उतारू प्रशासनिक अमले ने उन्हें रोकने की हरसभंव कोशिश की। तमाम अवरोधों को पार कर जब वे महोबा पहुँचे, तो इस मानवीय कदम से घबराकर भाजपा सरकार बौखला उठी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बौखलाहट के कारण ही अब भाजपा के मंत्री और विधायक खुलकर अजय राय के विरोध में उतर आए हैं और उनकी संपत्ति की जांच कराने की मांग कर रहे हैं, जो पूरी तरह हास्यास्पद और राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित है। सरकार को खुली चुनौती देते हुए काजी सुहेल अहमद ने दो टूक शब्दों में कहा कि अजय राय का सार्वजनिक जीवन एक खुली किताब की तरह पारदर्शी है। उन्होंने आगे कहा कि हम राहुल गांधी की विचारधारा के सिपाही हैं, जो सार्वजनिक जीवन में शुचिता और पारदर्शिता पर विश्वास रखते हैं। कांग्रेस किसी भी केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन हमारी एक शर्त है कि जिस निष्पक्षता का दावा सरकार कर रही है, उसी के तहत भाजपा सरकार के मंत्रियों और विधायकों की संपत्तियों की भी जांच कराई जाए, ताकि पिछले नौ वर्षों में जनता की गाढ़ी कमाई पर हुई लूट का सच बेनकाब हो सके। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस ने प्रदेश की वर्तमान शासन प्रणाली को काम लो, चंदा दो और केंद्रीय एजेंसियों के दम पर राजनीतिक वसूली करने वाली व्यवस्था करार दिया। उन्होंने आगरा नगर निगम द्वारा एक निजी बिजली कंपनी टोरेंट के 430 करोड़ रुपये माफ किए जाने के मामले को हालिया इतिहास का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सूबे में मिड-डे मील से लेकर सड़क निर्माण, अस्पतालों की जीवन रक्षक दवाओं से लेकर मनरेगा तक, हर छोटे-बड़े विभाग में भ्रष्टाचार का जाल बिछा हुआ है। यहाँ तक कि धार्मिक नगरी अयोध्या में भी विकास कार्यों और मंदिर निर्माण के नाम पर भारी वित्तीय अनियमितताएं और धन उगाही की गई है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि कांग्रेस पार्टी अन्याय, दमन और भ्रष्टाचार के खिलाफ बैकफुट पर नहीं आएगी और पीड़ितों की मजबूत आवाज बनकर हर मंच पर संघर्ष जारी रखेगी। इस महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता में जिला उपाध्यक्ष अशोक गुप्ता, कोषाध्यक्ष रियाज़ मनिहार, महासचिव आसिफ़ रिज़्वी, ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश चौबे और अर्जुन कन्नौजिया सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।