हाफिज जी का फूल-मालाओं से हुआ इस्तकबाल, मुल्क में अमन-चैन और तरक्की की मांगी दुआ
FATEHPUR NEWS: रमजान के ग्यारहवें रोजे के अवसर पर शहर के मुराइन टोला आजादनगर स्थित मस्जिदे अक्सा में तरावीह के दौरान कुरआन-ए-करीम मुकम्मल हुआ। इस मौके पर दरूदो सलाम पेश कर अल्लाह की बारगाह में खास दुआएं मांगी गईं। मौलाना अब्दुल हई ने तरावीह में कुरआन मुकम्मल कराया। उन्होंने खुतबा देते हुए कहा कि कुरआन पाक एक मुकद्दस किताब है, जिसका हर एक हर्फ सच और हक है। उन्होंने कहा कि इंसान को अपनी जिंदगी कुरआन के बताए रास्ते पर चलकर संवारनी चाहिए, क्योंकि यह पूरी दुनिया के लिए राह दिखाने वाली किताब है। इस दौरान जिक्र-ए-इलाही और तकरीर भी हुई। मीलाद शरीफ और दरूदो सलाम पढ़ा गया। रोजेदारों ने अल्लाह तआला से अपने गुनाहों की माफी, मरहूमीन की मगफिरत तथा देश में अमन-चैन, आपसी भाईचारा और तरक्की की दुआएं मांगीं। कुरआन मुकम्मल होने के बाद मस्जिद कमेटी के मुतवल्ली मोहम्मद कमर के नेतृत्व में हाफिज साहब का फूल-मालाओं से स्वागत कर मुबारकबाद दी गई। इस अवसर पर पेश इमाम हाफिज रिजवान, मौलाना मुनसिफ रजा, मौलाना जफर, शब्बीर सलमानी, हाफिज जमीरूल, मुजीब, सैय्यद मोहम्मद अतीक, मोहम्मद साहिब, मोहम्मद शाहरूख सहित बड़ी संख्या में रोजेदार मौजूद रहे।







