PRAYAGRAJ NEWS: सी.एम.पी. डिग्री कॉलेज के करियर काउंसलिंग और प्लेसमेंट सेल ने मनोविज्ञान विभाग के सहयोग से सफलतापूर्वक “मनोविज्ञान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी” पर एक व्याख्यान का आयोजन किया।। इस कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य मनोविज्ञान के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं और इस विषय में उच्च शैक्षणिक अवसरों के संबंध में व्यवस्थित मार्गदर्शन प्रदान करना था। कार्यक्रम का लक्ष्य छात्रों को करियर के विकल्पों, परीक्षा पद्धतियों और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रभावी तैयारी रणनीतियों के बारे में जागरूक करना था। इस कार्यक्रम में मनोविज्ञान विभाग के पूर्व छात्रप् ,सुश्री तुलिका श्रीवास्तव एस.एस.पी.जी. कॉलेज, गाजीपुर के मनोविज्ञान विभाग में सहायक प्रोफेसर को आमंत्रित किया गया है।सत्र का शुभारंभ औपचारिक स्वागत और मुख्य वक्ता के परिचय के साथ हुआ। कॉलेज के करियर काउंसलिंग और प्लेसमेंट सेल की संयोजक डॉ. रुचिका वर्मा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में कार्यक्रम की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला और छात्रों को मनोविज्ञान में करियर नियोजन की आवश्यकता के बारे में बताया। सुश्री तुलिका श्रीवास्तव ने मनोविज्ञान में उच्च शिक्षा, अनुसंधान और अकादमिक करियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए ळ।ज्म्ए छम्ज्ए श्रत्थ् और अन्य प्रवेश परीक्षाओं जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की समग्र तैयारी प्रक्रिया पर केंद्रित एक ज्ञानवर्धक और सुव्यवस्थित व्याख्यान दिया।उन्होंने मनोविज्ञान से संबंधित प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की पाठ्यक्रम संरचना, परीक्षा पद्धति और मूल्यांकन मानदंडों पर चर्चा की। छम्ज् और ळ।ज्म् परीक्षाओं के लिए वैचारिक स्पष्टता, अनुशासित अध्ययन दिनचर्या और दीर्घकालिक तैयारी रणनीतियों के महत्व पर जोर दिया गया।
उन्होंने प्रभावी समय प्रबंधन तकनीकों, अध्ययन सामग्री के उचित चयन, व्यवस्थित रूप से नोट्स बनाने, नियमित पुनरावलोकन और मॉक टेस्ट तथा पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। वक्ता ने तैयारी के दौरान छात्रों द्वारा सामना की जाने वाली सामान्य चुनौतियों, जैसे तनाव और प्रेरणा की कमी, पर भी बात की और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए व्यावहारिक तरीके सुझाए। प्रशिक्षक ने छात्रों को विश्लेषणात्मक सोच विकसित करने, नियमित पठन की आदतें डालने और मनोविज्ञान में नवीनतम विकास से अवगत रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए निरंतर प्रयास, धैर्य और आत्मविश्वास आवश्यक हैं। व्याख्यान के बाद, एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने परीक्षा की तैयारी, करियर की संभावनाओं और शैक्षणिक योजना से संबंधित प्रश्न पूछे। विशेषज्ञ ने सभी प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर दिया और व्यावहारिक एवं यथार्थवादी मार्गदर्शन प्रदान किया। मनोविज्ञान विभाग के संयोजक, डॉ. महेश कुमार मौर्य ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम का संचालन मनोविज्ञान विभाग की शोधार्थी सैंड्रा बुएला ने किया।
यह कार्यक्रम कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर अजय प्रकाश खरे के प्रतिष्ठित मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।कार्यक्रम का समग्र समन्वय और क्रियान्वयन डॉ. रुचिका वर्मा ने किया।







