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मधवापुर में निर्माणाधीन मछली मंडी का गेट गिरने से बड़ा हादसा, एक मजदूर की मौत, पांच घायल

एसडीएम शोहरतगढ़ की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय जांच समिति गठित, डीएम ने 3 दिनों में मांगी रिपोर्ट

SIDHARTHNAGAR NEWS: जनपद के तहसील शोहरतगढ़ के अंतर्गत ढेबरुआ थाना क्षेत्र के तुलसियापुर (मधवापुर) में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जहां नवनिर्मित मछली मण्डी मधवापुर के गेट के निर्माण कार्य के दौरान अचानक भारी-भरकम शटरिंग भरभराकर गिर गई। इस दर्दनाक हादसे की चपेट में आने से वहाँ कार्य कर रहे मजदूर मलबे में दब गए, जिसमें 25 वर्षीय श्रमिक मुश्ताक अहमद पुत्र किताबुल की मौके पर ही दुःखद मृत्यु हो गई, जबकि पांच अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना प्राप्त होते ही स्थानीय पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे तथा युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ कराकर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। सभी घायलों को तत्काल उपचार हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़नी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला मुख्यालय (जिला अस्पताल) के लिए रेफर कर दिया, जहां चिकित्सकों की टीम द्वारा उनका गहन उपचार किया जा रहा है। घायलों में बुधई पुत्र नीबर और राजेंद्र पुत्र बुधई की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है, जबकि अन्य घायलों में आलम पुत्र मोहम्मद सफी, रामदयाल पुत्र तेते और रूपेश यादव पुत्र कन्हई यादव शामिल हैं। वहीं पुलिस ने मृतक मुश्ताक अहमद के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. व पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने तत्काल घटनास्थल का मौका मुआयना किया और निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण कार्य की स्थिति, शटरिंग गिरने के तकनीकी कारणों तथा राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। घटनास्थल का जायजा लेने के उपरांत जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सीधे जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने भर्ती घायल मजदूरों और उनके परिजनों से वार्ता कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा डॉक्टरों को सभी घायलों को उच्च स्तरीय, बेहतर एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवारों को ढाढस बंधाते हुए हरसंभव प्रशासनिक व सरकारी सहायता उपलब्ध कराए जाने का भरोसा दिया। निर्माणाधीन गेट के गिरने के कारणों और इसमें बरती गई घोर लापरवाही की निष्पक्ष व गहन जांच के लिए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक आधिकारिक आदेश जारी कर 3 सदस्यीय उच्चस्तरीय संयुक्त जांच समिति का गठन कर दिया है। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) शोहरतगढ़ करमेन्द्र की अध्यक्षता में गठित इस समिति में लोक निर्माण विभाग (लो०नि०वि०) सिद्धार्थनगर के अधिशासी अभियन्ता कमल किशोर और खण्ड विकास अधिकारी बढ़नी अनीश मणि पाण्डेय को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।जिलाधिकारी ने इस नवगठित समिति को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे पूरे प्रकरण की संयुक्त रूप से विस्तृत जांच कर अपनी स्पष्ट जांच आख्या आगामी 03 दिवस के भीतर अधोहस्ताक्षरी (जिलाधिकारी कार्यालय) को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि लापरवाही बरतने वाले दोषियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जा सके।