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मकबरा और मंदिर के विवाद में कूदा राष्ट्रीय ओलमा काउंसिल, डीएम को लिखा पत्र

जिलाधिकारी को राष्ट्रीय महासचिव ने पत्र लिखकर किया मांग

FATEHPUR NEWS: फतेहपुर शहर के मकबरा से मंदिर विवाद में जहां मठ मंदिर संरक्षण संघर्ष समिति के ऐलान के बाद माहौल बदलने सा लगा तो राष्ट्रीय उलमा काउंसिल के राष्ट्रीय महासचिव एडवोकेट तलहा आमिर द्वारा जिलाधिकारी को पत्र लिखकर शांति व्यवस्था को भंग करने व साम्प्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास करने वाले व अवैध रूप से मकबरा जो कि एक राष्ट्रीय संपत्ति है को गैर कानूनी तरीके से कब्जा करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही किए जाने की मांग की है। बताते चलें कि राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के राष्ट्रीय महासचिव एडवोकेट तलहा आमिर ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर कहा है कि राष्ट्रीय सम्पत्ति नवाब अब्दुस समद मकबरा, खसरा संख्या 753 को जबरन “ठाकुर जी का मन्दिर” बताकर क्षति पहुंचाने एवं शहर की शांति भंग करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए और मकबरे की सुरक्षा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने भेजे गए पत्र में कहा है कि राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मो० आमिर रशादी को स्थानीय नागरिकों द्वारा सूचित किया गया है कि जनपद फतेहपुर के नवाब अब्दुस समद मकबरा, खसरा संख्या 753, मोहल्ला रेडइया, आबू नगर, तहसील सदर, जनपद फतेहपुर जो कि राष्ट्रीय सम्पत्ति मकबरा के तौर पर अभिलेखों में दर्ज है और इसके अधिकारिक मुतवल्ली के तौर पर मो० अनीश का नाम दर्ज है। “मठ मंदिर संरक्षण संघर्ष समिति” नामक संगठन के पदाधिकारियों द्वारा उक्त मकबरे को जबरदस्ती व गैर कानूनी तौर पर “ठाकुर जी का मन्दिर” बताकर मीडिया और सोशल मीडिया के द्वारा भ्रामक प्रचार कर रहे हैं और इस इतिहासिक, सांस्कृतिक व धार्मिक धरोहर पर अवैध तरीके से कब्जा करने की नियत से संगठन के पदधिकारीयों ने 11 अगस्त 2025 को मकबरे का नवीनीकरण कर मन्दिर बनाने की घोषणा भी किया है और अपने समर्थकों को पहुंचने का आहवान भी किया है जो कि स्पष्ट रूप से माहौल बिगाड़ने व शान्ति व्यवस्था को भंग करने व राष्ट्रीय सम्पत्ति को क्षति पहुंचाने व इसके मूल स्वरूप / चरित्र को बदलने का प्रयास करने का एक गैर कानूनी कार्य है। जबकि मौके पर भौतिक रूप से यह पूरी भूमि मकबरा है जिसमें कई पक्की कब्र सदियों से मौजूद है, यह मकबरा के रूप में सरकारी अभिलेखों में दर्ज है और इसका उपयोग मुस्लिम धार्मिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है जिसके सभी आवश्यक दस्तावेज भी मौजूद हैं जो इसकी वास्तविक स्थिति को दर्शाते हैं। इस गंभीर प्रकरण को तत्काल संज्ञान में लेते हुए जनपद में शांति व्यवस्था को भंग करने व साम्प्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास करने वाले व अवैध रूप से मकबरा जो कि एक राष्ट्रीय संपत्ति है को गैर कानूनी तरीके से कब्जा करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही की जाए।