सादगी और सामाजिक न्याय को किया गया नमन
FATEHPUR NEWS: शनिवार को प्रातः 10 बजे भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती सविता महासभा उत्तर प्रदेश, जनपद फतेहपुर के तत्वावधान में कर्पूरी चौराहा (डाक बंगला के निकट) पर श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित जनसभा में जननायक कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आचार्य कमलेश योगी जी ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर को याद करना उस भारत को याद करना है, जिसने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा में लाने का सपना देखा। वर्ष 2024 में उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाना उनके आजीवन त्याग, सादगी और सामाजिक न्याय के प्रति अटूट प्रतिबद्धता पर सच्ची मुहर है। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे। दो बार बिहार के मुख्यमंत्री रहने के बावजूद उनके पास न अपना घर था और न ही कोई निजी वाहन। उन्होंने बिहार में मैट्रिक परीक्षा से अंग्रेजी की अनिवार्यता समाप्त कर गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के द्वार खोले। साथ ही ‘मुंगेरी लाल आयोग’ की सिफारिशों को लागू कर पिछड़े और अति-पिछड़े वर्गों को आरक्षण का अधिकार दिलाया, जो आज भी सामाजिक न्याय की मजबूत नींव मानी जाती है। लाभकारी जोत पर मालगुजारी समाप्त कर उन्होंने गरीब किसानों को बड़ी राहत दी। आचार्य कमलेश योगी ने जननायक के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा, “अधिकार चाहने वालों को लड़ना पड़ता है और लड़ने वालों को कभी-कभी जेल भी जाना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर द्वारा कल्पित समतामूलक समाज आज भी भारतीय लोकतंत्र का लक्ष्य है और उनका भारत रत्न से सम्मानित होना इस बात का प्रमाण है कि ईमानदारी और गरीब-नवाजी की राजनीति कभी अप्रासंगिक नहीं होती। वक्ताओं ने जननायक कर्पूरी ठाकुर की सादगी से जुड़े प्रसंगों को भी साझा किया। मुख्यमंत्री रहते हुए फटी हुई धोती-कुर्ता पहनने और अपने पुत्र को सत्ता का लाभ न उठाने देने जैसी घटनाएं उनके उच्च नैतिक मूल्यों और सार्वजनिक जीवन की शुचिता को दर्शाती हैं। कार्यक्रम में सविता महासभा उत्तर प्रदेश, फतेहपुर के जिला प्रभारी संतराम फौजी, जिला अध्यक्ष राम शंकर सविता, महामंत्री बृजेश सेन, संगठन मंत्री विमल कुमार, छोटकू सविता, विमलेश सविता, पप्पू, जगदीश नारायण, मनोज कुमार, जितेंद्र वर्मा, अन्नू सविता, विजय कुमार, कपूर कुमार, साकेत कुमार सेन, प्रवेश कुमार, भानु दिवाकर, अजयपाल, हरीश चंद्र, मोहन लाल प्रजापति, लकी सविता, कामता सैनी, पुती मौर्या, रवि शंकर, गंगा राम सैनी, गोविंद, राजन, विकास सविता, कमलेश कुमार, मनोज सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।







