दलित, महिलाओं और धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने पर जताई चिंता
FATEHPUR NEWS: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने गुरुवार को तहसील खागा में दलित उत्पीड़न के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन के तहत धरना प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने उप जिलाधिकारी खागा के माध्यम से भारत की राष्ट्रपति को सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। पार्टी ने देश में दलित, महिलाओं और धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने फतेहपुर के हरिओम वाल्मीकि की रायबरेली में पीट-पीटकर हत्या, हरियाणा के दलित आईपीएस अधिकारी पूरनलाल की प्रताड़ना से आत्महत्या और भारत के मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई पर जूता फेंकने जैसी घटनाओं का उल्लेख किया। लखनऊ के बंथरा कस्बे में 11वीं की दलित छात्रा से हुए गैंगरेप को भी शर्मनाक बताया गया। भाकपा ने प्रदेश और केंद्र सरकार के दलित विरोधी रवैये पर चिंता जताते हुए मांग की है कि देश में हो रही जातिगत हत्याओं पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने प्रदेश में कानून व्यवस्था को ठीक करने, देश में लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने तथा धर्म के आधार पर देश को तोड़ने की साजिशों को रोकने की भी अपील की है।
सौंपे गए मांग पत्र में फतेहपुर के दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की हत्या की न्यायिक जांच कराने, पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, हरियाणा के दलित आईपीएस अधिकारी पूरनलाल की आत्महत्या की उच्च स्तरीय जांच और मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई पर जूता फेंकने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की गई। पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्थानीय डाक बंगले के पास धरना दिया और जिला सचिव राम प्रकाश के नेतृत्व में प्रदर्शन करते हुए नारे लगाए। इस प्रदर्शन में राज्य कार्यकारिणी सदस्य मोतीलाल एडवोकेट, राज्य परिषद सदस्य रामचंद्र, जिला सह सचिव रामकृष्ण हेगड़े, पूरनलाल, जिला काउंसिल सदस्य राम अवतार सिंह, राधेरमण पांडेय, नोखेलाल, कयामुद्दीन, शिवनारायण साहू, जगदेव, गयालाल, नेम सिंह एडवोकेट, राम सुमेर सिंह एडवोकेट, अतुल कुमार एडवोकेट, शिवचरण, विनोद कुमार एडवोकेट, जगन्नाथ, कामता प्रसाद सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।







