Home Blog भगवान की लीला लोकमंगल की समृद्धि का संदेश:श्रीराघव रामानुजदास सुधाकर जी

भगवान की लीला लोकमंगल की समृद्धि का संदेश:श्रीराघव रामानुजदास सुधाकर जी

कथा में भगवान की बाल लीला और माखन लीला के मनमोहक प्रसंग पर मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु

PRATAPGARH NEWS: लालगंज नगर के सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में हो रही श्रीमदभागवत कथा में गुरूवार को भगवान की बाल लीला और माखन लीला का मनमोहक प्रसंग सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध दिखे। कथाव्यास प्रयागराज से पधारे श्रीराघव रामानुजदास सुधाकर जी महराज ने कहा कि भगवान की बाल लीला के समय ही जगत को अधर्म से छुटकारे का शंखनाद मिलने लगा। उन्होने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के समय हुई आकाशवाणी में अधर्म और अत्याचार के अंधकार के बादल स्वयं छंटने लगे। उन्होने कहा कि कान्हा का जन्म धर्मयुद्ध शुरू होने का भी जीव के साथ प्रकृति तक को सुखद संदेश की अनुभूति करा गया। कथाव्यास सुधाकर जी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण जी की लीला सदैव लोक मंगल की समृद्धि का द्योतक है। उन्होने कहा कि कथा में भगवान के उपदेश को सुनकर मनुष्य जीवन को सुधार सकता है। कथाव्यास जी ने बताया कि भगवान को प्राप्त करने के लिए मन की साधना भी पवित्रता लिए हुए होनी चाहिए। उन्होने कहा कि भगवान सदैव कल्याणकारी हुआ करते हैं। भगवान की माखन लीला के भी प्रसंग को भावपूर्ण रखते हुए सुधाकर जी महराज ने कहा कि भगवान के नाम का जाप करते रहने पर सुख के द्वार स्वयं खुल जाया करते हैं। भगवान के जन्म की झांकी पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की। कथा श्रवण को पहुंचे प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रो0 शिवाकांत ओझा, शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी ने कथावाचक सुधाकर जी को सम्मानित किया। संयोजक आचार्य राम अवधेश मिश्र व चुक्कन प्रसाद मिश्र तथा सह संयोजक रजनीश मिश्र ने व्यासपीठ का पूजन अर्चन किया। विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य उमाशंकर मिश्र ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर पूर्व ब्लाक प्रमुख पूर्णांशु ओझा, प्रोफे0 डॉ0 ओमप्रकाश शुक्ल, चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी, पार्श्वगायक रवि त्रिपाठी, विशालमूर्ति मिश्र, देवेन्द्र सिंह, डॉ0 ज्ञानेन्द्र नाथ त्रिपाठी, आचार्य शिवकृपाल शुक्ल, आचार्य राजेश मिश्र, केशवराम ओझा, अभिमन्यु सिंह, बृजेश द्विवेदी आदि रहे।